
बच्चों को बताए गए स्वच्छता के फायदे
मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत खोडावंदपुर प्रखंड में सुरक्षित शनिवार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों को हाथ धुलाई, खुले में शौच और मल के सुरक्षित निपटान के खतरों के बारे में जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य बच्चों में जागरूकता बढ़ाना और गंदगी जनित रोगों से बचाव करना था।
खोदावन्दपुर, निज प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत दिसम्बर माह के दूसरे शनिवार को प्रखंड में सुरक्षित शनिवार का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य विषय हाथ धुलाई नहीं करने से होने वाले खतरे, खुले में शौच से होने वाले खतरे तथा मल का सुरक्षित निपटान न हो तो उनसे होने वाले स्वास्थ्य संबंधित खतरों के सन्दर्भ में जानकारी, जागरूकता तथा क्या करें और क्या न करें, के बारे में बताया गया। इसके अंतर्गत प्रखंड के सभी विद्यालयों में छात्रों को जानकारी देना एवं छह चरणों में हाथ धुलाई का अभ्यास कराना सुनिश्चित किया गया। फोकल शिक्षकों एवं बाल प्रेरकों ने हाथ धुलाई सम्बंधित अभ्यास, खुले में शौच के खतरे एवं मल का सुरक्षित निपटान के खतरे और उससे बचाव की विस्तारपूर्वक जानकारी बच्चों को दी।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में खुले में शौच जनित रोगों के खतरे और उससे बचाव की जानकारी के प्रति चेतना जागृत करना था। उचित ढंग से सफाई नहीं करने के कारण अक्सर बच्चे और आम लोग असावधानीवश गंदगी जनित रोग के शिकार हो जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, इस जागरूकता अभियान के जरिए यह समझाया गया कि थोड़ी सी सतर्कता जान के जोखिम से बचा सकती है। यह कार्यक्रम प्रखंड के मध्य विद्यालय ताराबरियारपुर, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मेघौल कन्या, पीएम श्री किसान 2 विद्यालय ताराबरियारपुर समेत अन्य विद्यालयों में आयोजित किया गया। इन स्कूलों में छात्र-छात्राओं, प्रधानाध्यापकों और नोडल शिक्षकों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण हिस्से में ‘क्या करें और क्या न करें’ पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया। मौके पर एचएम मोहम्मद ईसा कलीम, अवनीश कुमार वर्मा, अरुण कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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