
हर युग में दिनकर की कविता की है जरूरत: पुष्कर
फोटो नं. 09, राष्ट्रकवि दिनकर के पैतृक आवास सिमरिया में जयंती समारोह में मौजूद अतिथि। विवार को सिमरिया स्थित दिनकर आवास पर दिनकर जयंती मनाई गई। दिनकर स्मृति विकास समिति सिमरिया के बैन
सिमरिया धाम, एक संवाददाता। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के 117वीं जयंती पखवाड़ा के तीसरे दिन रविवार को सिमरिया स्थित दिनकर आवास पर दिनकर जयंती मनाई गई। दिनकर स्मृति विकास समिति सिमरिया के बैनर तले आयोजित समारोह के तीसरे दिन दिनकर पुस्तकालय सिमरिया के अध्यक्ष विश्वंभर सिंह की अध्यक्षता में अतिथियों ने दिनकर के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण किया। संचालन पत्रकार प्रवीण प्रियदर्शी ने किया। मौके पर वक्ताओं ने दिनकर के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। जसम के राज्य सचिव दीपक सिन्हा ने कहा कि दिनकर सिर्फ कवि ही नहीं गद्यकार भी हैं। साहित्यकार पुष्कर प्रसाद सिंह ने कहा कि दिनकर साहित्य को आत्मसात करने की जरूरत है।
हर युग में दिनकर की कविता की जरूरत है। दिनकर जन जन के कवि थे। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अभय, सुमित, अमन, रमण, आर्यन, शिवानी, गुलशन, आयुष, श्रेया आदि ने दिनकर की कविताओं का पाठ किया। मौके पर रामनाथ सिंह, कृष्ण कुमार शर्मा, विजय चौधरी, गीता राय, राजेंद्र राय, लक्ष्मणदेव कुमार, राजेश कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, जितेंद्र झा, संजीव फिरोज, कृष्णनंदन पिंकू आदि थे। विदित हो कि दिनकर जयंती समारोह का समापन 24 सितंबर को दिनकर की जन्मभूमि सिमरिया में होगा जिसमें राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकार आयोजित परिचर्चा में भाग लेंगे ।

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