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विभाग से नक्शा नहीं मिलने से बरौनी में रेल कोच रेस्टोरेंट की सुविधा पर ग्रहण

लीड पेज 5:::::::::रेस्टोरेंट से सुविधा फोटो नं.-11, बरौनी जंक्शन के मुख्य टिकट घर परिसर में 20 सितंबर को शिफ्ट हुआ था खुलने वाले रेल कोच रेस्टोरेंट का रेल कोच। बरौनी, निज संवाददाता। बरौनी जंक्शन...

विभाग से नक्शा नहीं मिलने से बरौनी में रेल कोच रेस्टोरेंट की सुविधा पर ग्रहण
हिन्दुस्तान टीम,बेगुसरायSun, 03 Dec 2023 08:00 PM
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बरौनी, निज संवाददाता। बरौनी जंक्शन के मुख्य टिकट घर परिसर में 20 सितंबर को काफी जद्दोजहद के बाद रेल कोच रेस्टोरेंट खोलने को लेकर विभाग द्वारा रेल कोच को शिफ्ट तो कर दिया गया लेकिन दो महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक मामला अधर में ही लटका है। जबकि, दशहरे के मौके पर ही लोगों को इसकी सुविधा उपलब्ध कराने की योजना थी। जानकारी के मुताबिक विभाग द्वारा अभी तक नक्शा उपलब्ध नहीं कराए जाने से रेल कोच लोगों का मुंह चिढ़ा रहा है। फिलवक्त स्थानीय लोगों के साथ-साथ रेलयात्रियों को रेल कोच रेस्टोरेंट की सुविधा लेने के लिए बेसब्री से इंतजार है।
जानकारी के मुताबिक इस खास तरह के रेस्टोरेंट के खुलने पर रेलयात्री के साथ ही आमलोग भी जायकेदार व्यंजनों का लुफ्त उठा सकेंगे। रेलवे के अनुपयोगी यात्री ट्रेन की कोच को रेस्टोरेंट का रूप देकर सजाने-संवारने की योजना है। कोच के दोनों तरफ रेलवे स्टेशन जैसी सजावट की जाएगी ताकि आगंतुकों को रेलवे स्टेशन का एहसास हो।

बेगूसराय जिले में रिफाइनरी, फर्टिलाइजर, एनटीपीसी, बरौनी डेयरी, कार्बन फैक्ट्री, सिमरिया धाम सहित अन्य दर्जनों कल-कारखाने आदि की यात्रा पर आने वाले देशी विदेशी पर्यटक भी रेल कोच रेस्टोरेंट के शाकाहारी और मांसाहारी भोजन का आनंद ले सकेंगे। बरौनी जंक्शन पर यह रेस्टोरेंट मुख्य टिकट घर परिसर में ही खुल रहा है। इसका कॉन्ट्रेक्ट 25 अप्रैल 2023 से पांच साल के लिए यानी 24 अगस्त 2028 तक के लिए अचल प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। इस रेस्टोरेंट के खुलने से स्थानीय लोगों को भी एक नई जगह पर पार्टी करने का आनंद मिल सकेगा। इसको लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता बनी है।

लोकल व मोटे अनाज वाले व्यंजन पर जोर

रेल कोच रेस्टोरेंट में लोकल के साथ मोटे अनाज से बने भोजन व नाश्ता दिया जाएगा। यहाँ लिट्टी-चोखा के अलावा मोटे अनाज यानी मिलेट से बने फूड आइटम की बिक्री होगी। मडुआ, बाजरा व रागी आदि की रेसिपी रेल कोच रेस्टोरेंट में परोसी जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से मिलेट फूड को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह चावल व गेहूं से अधिक पौष्टिक माना जाता है। इस संबंध में संवेदक लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा रेल कोच रेस्टोरेंट का नक्शा उपलब्ध नहीं कराये जाने से कार्य में विलंब हो रहा है।

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