प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया ठंडे बस्ते में
लीड युवा पेज सकते हैं एचएम एचएम के पदस्थापन से स्कूलों की सूरत बदल जाएगी शिक्षा विभाग की ओर से प्रोन्नति प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 2025 के नवंबर माह में जारी किया गया है एसओपी एचएम के पदस्थापन...

बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। प्राथमिक व मध्य विद्यालय शिक्षक की प्रोन्नति प्रक्रिया ठंडे बस्ते में है। मैट्रिक व इंटर प्रशिक्षित शिक्षक को स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक जबकि स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक को मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक के रूप में प्रोन्नति दी जानी है। बताया गया है कि इस प्रोन्नति के बाद जिले के करीब तीन सौ मिडिल स्कूलों में रिक्त पड़े एचएम के पदों को भरा जा सकता है। एचएम के पदस्थापन से स्कूलों की सूरत बदल जाएगी। विभाग की ओर से जारी एसओपीके तहत स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक के पदों पर उन्हें प्रोन्नति दी जानी है जो न्यूनतम सेवा अवधि और स्नातक योग्यताधारी हैं।
वहीं मिडिल स्कूल में एचएम के रूप में उन्हें प्रोन्नति दी जानी है जो स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में न्यूनतम निर्धारित सेवा अवधि व स्नातकोत्तर योग्यताधारी हैं। उपलब्ध रिक्तियों के विरूद्ध वरीयता के आधार पर विचार किया जाना है। बताया गया है कि प्रोन्नति को लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से वर्ष 2025 में ही डीईओ व डीपीओ को पत्र जारी किया गया है। हालांकि विभाग की ओर से इस दिशा में अबतक कोई पहल शुरू नहीं की गई है। इससे शिक्षकों में मायूसी देखी जा रही है। डीईओ व डीपीओ स्थापना के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी होगा प्रोन्नति का आदेश विभाग की ओर से जिला प्रारंभिक शिक्षक स्थापना समिति को सेवा संपुष्टि व प्रोन्नति से संबंधित सभी निर्णयों के लिए अंतिम प्राधिकार का उत्तरदायित्व दिया गया है। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी को स्थापना समिति का अध्यक्ष व प्रोन्नति आदेशों पर संयुक्त हस्ताक्षरकर्ता का दायित्व दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी स्थापना को स्थापना समिति का सदस्य सचिव प्रोन्नति आदेशों पर संयुक्त हस्ताक्षरकर्ता का दायित्व दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी प्रोन्नति पदों के लिए उपलब्ध रिक्तियों की पहचान करेंगे। इन रिक्तियों पर प्रोन्नति के लिए राज्य सरकार के आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन किया जाना है। पत्र के मुताबिक जिला स्थापना समिति के निर्णय के बाद उपलब्ध रिक्त पदों के विरूद्ध पदस्थापन के साथ प्रोन्नति आदेश जारी किया जाएगा। प्रोन्नति आदेश सदस्य सचिव डीपीओ स्थापना व डीईओ के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाना है। उम्मीदवार का सेवा इतिहास संतोषजनक प्रमाणित होना चाहिए प्रोन्नति के लिए जारी शर्तों के तहत न्यूनतम सेवा अवधि वही होगी जो सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से समय समय पर निर्धारित की जाएगी। उम्मीदवार के पास प्रोन्नति पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक अर्हता होनी चाहिए। उम्मीदवार का सेवा इतिहास संतोषजनक प्रमाणित होना चाहिए। इसमें कहा गया है कि प्रोविजनल वरीयता सूची प्रत्येक वर्ष 31 दिसंबर के आधार पर तैयार की जानी चाहिए। अपेक्षित स्नातक योग्यता रखने वाले विज्ञान शिक्षकों व कला शिक्षकों के लिए अलग अलग वरीयता सूची तैयार की जानी है। स्नातक वेतनमा में कार्यरत स्नातकोत्तर योग्यता रखने वो शिक्षकों की वरीयता सूची भी तैयार की जानी है। कहते हैं अधिकारी वर्तमान में शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण की कार्रवाई की जा रही है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद प्रोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -मनोज कुमार, डीईओ

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