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नवंबर व दिसंबर में इस वर्ष विवाह के मात्र दस ही शुभ मुहूर्त

नवंबर व दिसंबर में इस वर्ष विवाह के मात्र दस ही शुभ मुहूर्त

संक्षेप:

फ्लायर या बॉटम:::::::::एक नवंबर को है देवोत्थान एकादशी तथा 2 नवंबर को तुलसी विवाहन एकादशी के साथ ही चातुर्मास का समापन हो जाता है और शादी-विवाह समेत अन्य शुभ कार्य होने शुरू हो जाते हैं।

Fri, 24 Oct 2025 09:37 PMNewswrap हिन्दुस्तान, बेगुसराय
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बीहट, निज संवाददाता। अमूनन देवोत्थान एकादशी के साथ ही चातुर्मास का समापन हो जाता है और शादी-विवाह समेत अन्य शुभ कार्य होने शुरू हो जाते हैं। चूंकि एक नवंबर को देवोत्थान एकादशी है और इस वजह से ठाकुर प्रसाद पंचांग के अनुसार 2 नवंबर से शादी-विवाह समेत अन्य शुभ कार्यो की शुरूआत हो जाएगी। वहीं, वाराणसी पंचांग के अनुसार 18 नवंबर से जबकि मिथिला पंचांग के अनुसार 20 नवंबर से शहनाई बजनी शुरू होगी। देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागने के उपरांत ही सनातन धर्मावलंबियों का शादी विवाह से लेकर अन्य मांगलिक कार्य शुरू होते हैं।

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मिथिला पंचांग के अनुसार इस वर्ष नवंबर में सात तथा दिसंबर में मात्र तीन ही विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। वहीं, वाराणसी पंचांग के अनुसार नवंबर में नौ तथा दिसंबर में चार दिन विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। शुक्र अस्त तथा खरमास की वजह से अगले वर्ष फरवरी माह से फिर से शहनाई बजनी शुरू होगी। लोग शादी-विवाह को लेकर गाड़ी, बैंड-बाजे एवं विवाह भवन की बुकिंग भी शुरू कर चुके हैं। शादी-विवाह के बहुत ही कम मुहूर्त रहने के कारण गाड़ी, बैंड-बाजे से लेकर विवाह भवन की बुकिंग दर काफी मंहगी है। बीहट के पंडित दशरथ झा, सूर्यनारायण मिश्र, पंडित दीनानाथ पाठक, आचार्य संजीव पाठक समेत अन्य पंडितों ने बताया कि बेगूसराय जिला मिथिलांचल के अंतर्गत आता है और इस वजह से अधिकांश लोग मांगलिक कार्य मिथिला पंचांग के अनुसार ही करते हैं। विशेष परिस्थिति में मिथिलांचल के लोग वाराणसी पंचांग के आधार पर भी मांगलिक कार्य करते रहे हैं। शादी मुहूर्त में मिथिला के लोग पूर्णिमा और संक्रांति का विशेष ख्याल रखते हैं। इतना ही नहीं, शनिवार व मंगलवार को भी शादी का मुहुर्त रहने के बावजूद परहेज करते हैं। इस वर्ष 6 जुलाई देवशयनी एकादशी के दिन से चातुर्मास शुरू हुआ था। फिलहाल चातुर्मास में शादी-विवाह से लेकर सभी प्रकार के मांगलिक कार्य बंद हैं। मिथिला पंचांग के अनुसार इस वर्ष नवंबर में-20, 21, 23, 24, 26, 27 एवं 30 नवंबर को तथा दिसंबर में 1, 4 एवं 5 दिसंबर को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। वाराणसी पंचांग के अनुसार नवंबर में 18, 19, 21, 22, 23, 24, 25, 29 एवं 30 नवंबर को तथा दिसंबर में 1, 4, 5 एवं 6 दिसंबर विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।