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हीट स्ट्रोक से जिले के विभिन्न विद्यालयों में 50 से अधिक बच्चे बेहोश, शिक्षक भी हलकान

लीड::::::::::विकट गर्मी के मौसम में स्कूल खोलने के शिक्षा विभाग के निर्णय पर उठे सवाल फोटो नंबर: एक, रेफरल अस्पताल मटिहानी में इलाजरत स्कूली बच्ची। फोटो नंबर: दो, कैप्शन: बलिया में एक निजी...

हीट स्ट्रोक से जिले के विभिन्न विद्यालयों में 50 से अधिक बच्चे बेहोश, शिक्षक भी हलकान
हिन्दुस्तान टीम,बेगुसरायWed, 29 May 2024 08:00 PM
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बेगूसराय, हिन्दुस्तान टीम। लगातार बढ़ते तापमान के बीच गर्मी व उमस के मारे जनजीवन बेहाल हो गया है। खासकर स्कूली बच्चों का बुरा हाल है। बुधवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस चला गया। जिले के विभिन्न प्रखंडों के स्कूलों में 50 से अधिक बच्चे बेहोश हो गये। साथ ही, दो शिक्षिकाओं की भी हालत बिगड़ गई। इससे स्कूलों में अफरातफरी का माहौल रहा। कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ पड़ी। बताया गया है कि सरकारी स्कूलों का संचालन इनदिनों दिन के छह बजे से 12.30 बजे तक हो रहा है। सुबह में छह बजे उपस्थिति अनिवार्य होने के कारण ज्यादातर बच्चे भूखे पेट ही स्कूल पहुंच जाते हैं।
वर्गकक्षों में दो से तीन बिजली पंखे लगे रहते हैं। वहीं एक वर्गकक्ष में बच्चों की संख्या चालीस से पचास होती है। बच्चों की संख्या तथा उमस व गर्मी के बीच बिजली पंखे अनुपयोगी साबित होते हैं। स्थिति तब और खराब हो जाती है जब बिजली कट जाती है। स्कूलों में बिजली की वैकल्पिक सुविधा नहीं है। कई विद्यालयों में तो बिजली पंखे की भी सुविधा नहीं है। इसके कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। डीईओ राजदेव राम ने बताया कि भीषण हीट वेब के मद्देनजर सभी विद्यालयों के एचएम को स्थानीय पीएचसी से संपर्क कर ओआरएस घोल व आवश्यक दवा के वितरण को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

मटिहानी में 15 स्कूली बच्चे बेहोश

मटिहानी, एक संवाददाता। मिडिल स्कूल मटिहानी की 15 छात्रा बेहोश हो गयी। शिक्षक के द्वारा आनन फानन में इलाज के लिये रेफरल अस्पताल मटिहानी में भर्ती कराया गया। चिकित्सक बच्चों की स्थिति सामान्य बता रहे हैं। विद्यालय के एचएम चंद्रकांत ने बताया की बुधवार को अचानक एक छात्रा बेहोश हो गयी। घटना की जानकारी मिलते ही बेहोश छात्रा कों पानी का छींटा मारकर होश में लाया गया। उन्होंने बताया कि कुछ ही समय के बाद दूसरे वर्गकक्ष में लगातार तीन छात्रा बेहोश हो गयी। आनन फानन में शिक्षकों व ग्रामीणों के सहयोग से बच्ची को रेफरल अस्पताल मटिहानी में भर्ती कराने आ ही रहे थे कि साथ में आ रही लड़की भी बेहोश होने लगी।

इससे मोटरसाइकिल व इ रिक्शा के माध्यम से भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया की वर्ग पंचम की छात्रा सोनाली कुमारी, वर्ग छह की छात्रा ख़ुशी कुमारी, संजना कुमारी, सोनम कुमारी वर्ग सात की छात्रा इच्छा भारती व वर्ग आठ की छात्रा कोमल कुमारी, काजू कुमारी, रूपम, ख़ुशी कुमारी, राजनंदनी, गुड़िया, रजनी, चादनी तथा लक्ष्मी कुमारी कों भर्ती कराया गया। चिकित्सक डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण शरीर से अधिक पसीना गिरने के कारण बेहोशी आती है। उन्होंने बताया की सभी बच्चों कों ग्लूकोज व पानी चढ़ा दिया गया है। स्थिति अब समान्य है। मौके पर हेल्थ मनैजर गौरी शंकर आदि थे। दूसरी तरफ बीईओ अरविंद कुमार ने बताया की माध्यमिक व उर्दू प्राथमिक विधालय गोदरगामा, प्राथमिक विधालय रामपुर वसवन, मिडिल स्कूल सिहमा गंगा पार, रामदीरी लभरचक सहित अन्य विद्यालयों में भी कई बच्चों के बेहोश होने की जानकारी मिल रही है। शिक्षकों के द्वारा ग्लूकोज पिलाकर घर भेज दिया गया। मौके पर मटिहानी थानाध्यक्ष ओम प्रकाश कुमार, उपमुखिया संजय चौधरी, लक्षमण राय, कंचन कुमारी, पंकज कुमार राय आदि थे।

बखरी में भीषण गर्मी से विभिन्न स्कूलों में करीब डेढ़ दर्जन बच्चे बेहोश

बखरी, निज संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के कई विद्यालयों में पढ़ाई करने तथा स्कूली परीक्षा देने के दौरान करीब डेढ़ दर्जन बच्चे बेहोश हो गए। नगर क्षेत्र के उच्च विद्यालय शकरपुरा के दशम वर्ग की छात्रा रंजनी कुमारी कक्षा में बेहोश हो गई। उसे स्कूल के एचएम ने बाइक से पास स्थित पीएचसी में इलाज के लिए भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।

वहीं प्रखंड क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घाघरा में करीब आधा दर्जन बच्चे पढ़ाई के दौरान बेहोश हो गये। विद्यालय के एचएम अमरजीत कुमार ने बताया कि आनन फानन में ग्रामीण चिकित्सक तथा विद्यालय के शिक्षकों के सहयोग से बच्चे को होश में लाया गया। इनका प्राथमिक उपचार किया गया। इनमें वर्ग छह के अंजू, वर्ग 7 के गुलशन, नेहा, अंजली, मौसम तथा वर्ग आठ की छात्रा प्रियंका कुमारी आदि शामिल है। मोहनपुर स्कूल में परीक्षा के दौरान लगभग नौ छात्र -छात्राएं बेहोश हो गई। घटना के वक्त स्कूल में हड़कंप मच गया। एक साथ 9 बच्चे के बेहोश होने की खबर गांव वालों को मिलते ही स्कूल में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार छत के ऊपर चदरे के बने शेड में परीक्षा ली जा रही थी। इस बाबत विद्यालय की एचएम कुमारी प्रतिमा सिंह ने बताया कि वर्ग 9 और 10 वर्ग के कुल 345 बच्चों का परीक्षा ली जा रही थी। बेंच और वर्ग कक्ष के अभाव में विद्यालय के छत पर बने शेड में कुछ बच्चों को बैठाया गया। इस बीच छात्र छात्राओं में वर्ग 9 के काजल, किशन, रौशन, रूपम, तमन्ना, वर्ग दस के केशव, गुड्डी, पीयूष तथा साक्षी कुमारी बेहोश हो गए। इन सभी छात्र-छात्राओं को एचएम रूम में लाकर गुलकोज, ओआरएस आदि दिया गया। इस दौरान वर्ग 8 तक के सभी बच्चों को छुट्टी दे दी गई। इनके होश में आने पर पुनः परीक्षा ली गई। तब जाकर सभी शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।

गर्मी से स्कूली छात्रा हुई बेहोश

भगवानपुर। भीषण गर्मी से लोगो का जीना मुहाल हो गया है। इसके चपेट में खासकर स्कूली बच्चे आ रहे हैं। बुधवार को मिडिल स्कूल संजात में एक छात्रा भीषण गर्मी से वर्ग कक्ष में बेहोश हो गई। इससे स्कूल में अफरातफरी मच गया। प्रभारी प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार ने बताया वर्ग 6 में अध्यनरत छात्रा रेखा कुमारी वर्ग कक्ष में एकाएक गर्मी से बेहोश हो गई। शिक्षकों द्वारा ओआरएस घोल पिलाने पर आधा घंटा में उसे होश आया। बाद में उसके अभिभावक को विद्यालय बुलाकर उक्त छात्रा को घर भेज दिया।

भीषण गर्मी की वजह से तबीयत बिगड़ने से प्राइवेट स्कूल में पांच छात्र-छात्राएं बेहोश

बलिया, एक संवाददाता। बलिया नगर परिषद क्षेत्र के पटेल चौक से पश्चिम बुधवार को उस समय अफ़रा-तफ़री का माहौल उत्पन्न हो गया जब एक निजी स्कूल में पढ़ने गये पांच छात्र-छात्राएं भीषण गर्मी की वजह से बेहोश हो गए। उन्हें नजदीक के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। पांच छात्र-छात्राओं में से दो की स्थिति गंभीर बताई गई है। पांचों बच्चे का इलाज बलिया के एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है।

बताया गया है कि बलिया नगर परिषद क्षेत्र के अवध तिरहुत पथ के पटेल चौक से पश्चिम एक निजी स्कूल में बुधवार को क्लास करने के क्रम में 3 तथा लंच करने के क्रम में दो बच्चे क्लास रूम में ही गिरकर बेहोश होकर गिर गए। शिक्षकों के द्वारा आनन-फानन उठाकर नजदीक के एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया। वहां सभी का इलाज चल रहा है। दो बच्चे की स्थिति गंभीर बताई गई है। बच्चों की पहचान थाना क्षेत्र के भगतपुर निवासी गोपाल पासवान की 11 वर्षीय पुत्री वर्ग एक की छात्रा सोनाली कुमारी, फतेहपुर निवासी पंकज कुमार का 10 वर्षीय पुत्र वर्ग 4 के छात्र दिपांशु कुमार, तुलसीटोला निवासी रामजपो रस्तोगी का 15 वर्षीय पुत्र वर्ग 9 के छात्र अमर कुमार, बलिया बाजार शीतलास्थान निवासी अजय कुमार शर्मा की 12 वर्षीय पुत्री वर्ग छह की छात्रा अमृता शर्मा एवं जानीपुर निवासी रविंद्र शर्मा का 11 वर्षीय पुत्र वर्ग चार का छात्र आयुष कुमार के रूप में की गयी है। इसमें से अमृता शर्मा एवं आयुष कुमार की हालत गंभीर बताई गई है। इन सभी बच्चे एवं बच्चियों के माता-पिता भी बीमार होने की सूचना मिलते ही भागते हुए अस्पताल पहुंचे।

वहीं घटना की सूचना मिलते ही बलिया प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार पांडेय, प्रखंड प्रमुख ममता देवी, पंचायत समिति सदस्य सह प्रमुख प्रतिनिधि सुभाष राय ,पंचायत समिति सदस्य गोपेश कुमार, राजद नेता विकास पासवान, वार्ड पार्षद अविनाश कुमार के द्वारा सभी बीमार पड़े बच्चों को देखने अस्पताल पहुंचे तथा संबंधित स्कूल का भी निरीक्षण किया। प्रखंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल की विधि व्यवस्था ठीक नहीं रहने के कारण तथा स्कूल का शेड एस्बेस्टस का रहने के कारण भी अत्यधिक हीट स्ट्रोक स्कूल में था। इस कारण बच्चे बीमार पड़े हैं। प्रखंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि भीषण गर्मी में इस तरह से लापरवाह होकर स्कूल चलाने वाले विद्यालय के संचालक पर कार्रवाई के लिए वरीय पदाधिकारी को लिखा जाएगा।

बिजली की आंखमिचौनी से बढ़ी हुई है ज्यादा परेशानी

गढ़हरा(बरौनी)। बुधवार को भीषण उमस वाली गर्मी के कारण स्कूली बच्चे और शिक्षक बेहाल रहे। बरौनी प्रखंड के दर्जनों विद्यालय से बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं बेहोश हो गए। स्कूल परिसर में ही बहुत सारे बच्चों को उल्टी होने लगी। बड़ी संख्या में बच्चों में बेचैनी देखी गयी। ऐसी स्थिति में बच्चों को ओआरएस का घोल, पानी, पंखा आदि से समस्या सुलझाने का प्रयास किया। बिजली की आंखमिचौनी के बीच विद्यालय परिवार काफी परेशान दिखा। प्राथमिक उपचार के बाद 12 बजे दोपहर धूप में ही बच्चे घर जाने को विवश हुए।

इस क्रम में उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरपुर के दशमी की छात्रा सुनीता कुमारी बेहोश होकर गिर गयी। एचएम शिवशंकर प्रसाद ने बताया कि बांध पर निजी क्लिनिक में इलाज कराया गया। अमरपुर पंचायत के ही प्राथमिक विद्यालय पश्चिम टोल में तीन छात्र बेहोश हो गए। मध्य विद्यालय गढ़हरा में करीब आधे दर्जन बच्चों का स्थानीय उपस्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया। वहीं विद्यालय में कक्षा 5 की छात्रा संध्या कुमारी स्कूल में ही बेहोश हो गयी।

अभिभावकों का कहना है कि पूर्व में स्कूली बच्चों को मई जून में ही ग्रीष्म अवकाश दिया जाता था। जब सरकार ने चुनाव को लेकर पहले गर्मी की छुट्टी दे दी तो अब इस भीषण गर्मी में क्या किया जाएगा। स्कूल टाइम भी सुबह 6 बजे से डेढ़ बजे संचालित हैं। यह न प्रातःकालीन ही और और न दिवकालीन है। इसे पूर्व की तरह संचालित करने की मांग समाजसेवी लाल बहादुर महतो,कुमार विनीताभ, धर्मेन्द्र कुमार सिंह, रंजन चौधरी,वार्ड पार्षद मो इफ्तेखार अंसारी, मो सरफराज ,सुधीर राय, प्रमोद सिंह आदि ने की।

छौड़ाही में शिक्षिका हुई बेहोश

छौड़ाही। प्रखंड अंतर्गत उच्च विद्यालय सिहमा में हीट स्ट्रोक से शिक्षिका अंजना कुमारी वर्ग कक्ष में बेहोश हो गई। आनन-फानन में विद्यालय के एचएम अमित कुमार राय की देखरेख में शिक्षिका को बेहोशी हालत में एक स्थानीय निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया। इहां पर चिकित्सकों की देखरेख में शिक्षिका का इलाज चल रहा है और वह खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। बीईओ नौशाद अहमद ने बताया कि वरीय अधिकारियों के आदेश का पालन कर विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। शिक्षिका के बेहोश होने की सूचना से डीईओ व डीएम को अवगत कराया जा रहा है

दो शिक्षिका सहित आधे दर्जन बच्चे हुए बेहोश

तेघड़ा, निज प्रतिनिधि। चिलचिलाती गर्मी स्कूली बच्चों और शिक्षको पर कहर बनकर टूट रहे हैं। बुधवार को प्रखंड के दर्जनों स्कूलों में लगभग आधे दर्जन बच्चे व शिक्षकों को भारी फजीहत उठानी पड़ी। गर्मी के प्रकोप से कसबा प्राथमिक विद्यालय की आयशा बानो और रामपुर मध्य विद्यालय की कुमारी गुलशन वर्ग कक्ष में ही बेहोश होकर गिर पड़ी। वहीं मध्य विद्यालय हरिहरपुर, उत्क्रमित प्लस टू हाइ्र स्कूल ताजपुर, मध्य विद्यालय बरौनी, प्राथमिक विद्यालय परबंदा सहित कई स्कूलों के लगभग आधे दर्जन छात्र पढ़ाई करते समय बेहोश हो गए।

गर्मी की तपिश झेल रहे बच्चों को लेकर अभिभावक और शिक्षक दोनों परेशान दिख रहे हैं। शिक्षकों ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण वर्ग में बैठे बच्चों का हाल बुरा रहता है। किसी किसी स्कूल में पर्याप्त पंखे और बैठने की व्यवस्था नहीं रहने उपर से भीषण गर्मी से बच्चे अधिक परेशान हैं। अभिभावकों ने बताया कि यदि लगातार ऐसा मौसम रहता है तो वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।

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