बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट, खरीफ फसल की बुवाई शुरू
जिले में करीब 90 हजार हेक्टेयर में होती है खरीफ की बुवाई... ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक निजात मिली है। मौसम विभाग के अनुसार आने

सिंघौल,निज संवाददाता। जिले में गुरुवार को और इससे पहले भी हुए झमाझम बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदल गया है। तपती गर्मी से परेशान लोगों को जहां एक ओर बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। पिछले कई दिनों से भीषण उमस और चिलचिलाती धूप से आम जनजीवन बेहाल था। इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक निजात मिली है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में और बारिश होने और मौसम के अनुकूल बने रहने की संभावना है।
कृषि पर प्रभाव
जिले में खरीफ फसल का रकबा करीब 90हजार हेक्टेयर का है। मानसून आधारित इस खेती में मुख्य रूप से मक्का, धान आदि की खेती की जाती है। पिछले कुछ दिनों से हुई बारिश के बाद खरीफ फसल की बुवाई का काम शुरू हो चुका है। वहीं धान की खेती के लिए किसान बिचड़ा डाल रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए अमृत के समान है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे बीजों का अंकुरण बेहतर होगा।
खाद और बीज की तैयारियाँ
खाद और बीज की तैयारियों में जुटा कृषि विभाग बुआई शुरू होते ही बाजारों में खाद और उन्नत किस्म के बीजों की मांग बढ़ गई है। जिला कृषि अधिकारी अभिषेक रंजन ने बताया कि प्रखंड में भी खरीफ महाभियान चलाया जा रहा है। किसानों को खरीफ फसल के लिए बीज मुहैया कराया जा रहा है। डीएओ ने बताया कि जिले में बुवाई के लिए मौसम अनुकूल है और खरीफ फसल की बुवाई में तेजी आ रही है।
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