इंटर स्कूल मेघौल को मॉडल स्कूल का दर्जा तो मिला पर नहीं मिली सुविधाएं
मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा उत्तीर्ण अष्टम वर्ग के 164 छात्र-छात्राओं का ही नवम वर्ग में नामांकन करने का निर्देश जरूरत खोदावंदपुर,निज संवाददाता। प्रखंड के श्री दुर्गा पल्स टू विद्यालय मेघौल को मॉडल...

खोदावंदपुर,निज संवाददाता। प्रखंड के श्री दुर्गा पल्स टू विद्यालय मेघौल को मॉडल स्कूल का दर्जा मिल गया है। परन्तु मॉडल स्कूल को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं नहीं मिली है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अत्याधुनिक तरीके से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की व्यवस्था ओर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। इस मॉडल स्कूल में मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा उत्तीर्ण अष्टम वर्ग के 164 छात्र-छात्राओं का ही नवम वर्ग में नामांकन करने का निर्देश मिला है। इन छात्र-छात्राओं को स्मार्ट क्लास के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की योजना है। परन्तु मॉडल स्कूल के रूप में चयनित श्री दुर्गा पल्स टू विद्यालय मेघौल में आईसीटी लैब नहीं है।
आईसीटी लैब नहीं रहने के कारण इस शिक्षण संस्थान को बी ग्रेड के दर्जा मिला है। इस शिक्षण संस्थान को ए ग्रेड मॉडल स्कूल का दर्जा दिलवाने के लिए शिक्षकों को कड़ी मेहनत की जरूरत है। प्रधानाध्यापक मधुसूदन पासवान ने बताया कि मॉडल स्कूल में 40 विद्यार्थियों पर एक गुणवत्ता वाले शिक्षक के पदस्थापन की जरूरत है। परन्तु श्री दुर्गा पल्स टू विद्यालय मेघौल में अभी विषयवार ही शिक्षकों का पदस्थापन है। इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पढ़ाई कार्य में बाधा होगी। मॉडल स्कूल में अत्याधुनिक लैब, पुस्तकालय, वर्ग कक्ष, स्मार्ट क्लास की जरूरत है। सरकार ने इस शिक्षण संस्थान को मॉडल विद्यालय का दर्जा तो दे दिया है। परन्तु अन्य सुविधाएं अभी नहीं दी गई हैं। फिलहाल उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर ही बच्चों को शिक्षा देने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि निजी विद्यालयों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में मेघावी बच्चों को किताबी शिक्षा के अलावा खेल कूद, व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की सरकार की योजना है। सरकार ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को इन योजनाओं का लाभ निःशुल्क देने की योजना बनाई है। ताकि गरीब परिवार के मेघावी बच्चे भी सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। परन्तु मानक के अनुरूप सुविधाएं मिलने से ही सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और होनहार बच्चों को मिल पाएगा। अन्यथा ग्रामीण क्षेत्र के मेघावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की सरकार की महत्वपूर्ण योजना धरातल पर नहीं उतर सकेगी। रिपोर्टर:विमलेश चौधरी
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