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13 अगस्त, 2020|7:53|IST

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क्वारंटाइन केन्द्रों पर ठेकेदारों की मनमानी से नाराज प्रवासियों ने किया एनएच जाम

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क्वारंटाइन केन्द्रों पर ठेकेदारों व कर्मियों की मनमानी से प्रवासी मजदूरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोमवार को समय पर नाश्ता नहीं मिलने एवं मेडिकल टेस्ट नहीं होने से नाराज प्रवासियों ने सड़क जाम कर दी। केन्द्र से बाहर निकल कर प्रवासियों ने एनएच-28 को जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी करने लगे। आनन फानन में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला को शांत करवाया। एनएच पर पहुंचे प्रवासी मजदूर ठेकेदारों के विरूद्ध नारेबाजी कर रहे थे। मौजूद प्रवासियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार को अगर क्षमता नहीं है तो उनकी जांच करवाकर उन्हें घर जाने की इजाजत दे दे। विरोध प्रदर्शन कर रहे कई प्रवासी मजदूरों ने कहा कि जिस स्कूल में उन्हें ठहराया गया है वहां न तो पंखा है और न शौचालय की समुचित व्यवस्था ही है। नाराज लोगों ने कहा कि केन्द्र पर उनके साथ कैदियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। कई प्रवासियों ने आरोप लगाया कि न मच्छरदानी दी गई है और न मॉस्क्वीटो क्वाइल। इससे रातभर मच्छरों का आक्रमण होता रहता है। इनलोगों ने सेंटर के ठेकेदार को बदलने की मांग जिला प्रशासन से की। गौरतलब है कि एनएच-28 किनारे स्थित एक निजी स्कूल को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। इसमें कई प्रकार की असुविधा से प्रवासी मजदूर कई दिनों से परेशान हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे कई प्रवासी मजदूरों ने कहा कि कई बार कमियों के बारे में अधिकारी को बताया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। मजबूरन उन्हें सड़क जाम कर विरोध करना पड़ा। हालांकि, लगभग डेढ़ घंटे जाम के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवा दिया। इधर, केन्द्र पर मौजूद शिक्षकों व कर्मियों ने कहा कि केन्द्र पर से सुरक्षाकर्मी को हटा लिया गया है। इससे वहां रह रहे मजदूर कभी-कभी किसी बात को लेकर उलझ जाते हैं। कुछ कर्मियों का कहना था कि कई लोगों ने मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने की बात को लेकर हंगामा किया। लेकिन, मजदूरों ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि घटिया खाना का उन्होंने वीडियो बनाया है जिसे सबूत के तौर पर जिला प्रशासन के अधिकारी देख सकते हैं।

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  • Web Title:Migrants angry at arbitrary quarantine centers due to arbitrariness of contractors