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9 जुलाई, 2020|10:31|IST

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मैट्रिक पास बच्चों में पढ़ाई से लेकर रोजगारपरक शिक्षा में बढ़ी चिंताएं

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मैट्रिक रिजल्ट घोषित हो चुका है। इस बार 48 हजार बच्चों में करीब दो हजार किसी कारणवश नहीं हो सके। कई बच्चे एक्सपेल्ड हो गये। सफल हुए बच्चे इंटर में नामांकन से लेकर रोजगार परक शिक्षा पाने के प्रति ज्यादा चितिंत नजर आ रहे हैं। असल में मैट्रिक पास होने के बाद अधिकतर बच्चे सही गाइडलाइन के अभाव में चयन नहीं कर पाते हैं कि उन्हें आगे क्या करना चाहिए। कई छात्र-छात्राएं अभी से ही मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई तो कोई पोलिटेक्निक या आईटीआई में नामांकन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर ऑनलाइन व घर बैठे पढ़ाई शुरू कर दी है। कई ऐसे भी हैं जो कम्पयूटर शिक्षा लेकर तत्काल अपने पैरों पर खड़ा होने चाहते हैं। ऐसा कोर्स हो जिसके प्रशिक्षण के बाद बच्चे पार्टटाइम जॉब करके आसानी से अपनी आगे की पढ़ाई को जारी रख सके। ताकि अभिभावक पर आर्थिक बोझ भी कम हो सके। लेकिन फिलहाल कोविड-19 महामारी की वजह से देश व दुनिया आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है।कंप्यूटर शिक्षा में रोजगार की असीम संभावनाएंमैट्रिक पास होने के बाद वोकेशनल कोर्स के रूप में कंप्यूटर के छह माह या एक साल डीसीए या एडीसीए कोर्स करने के बाद रोजगार पाने की असीम संभावनाएं हैं। निजी क्षेत्र से लेकर सरकार की ओर से भी कंप्यूटर के क्षेत्र में वैकेंसी निकलती रहती है। ऑटोमोबाइल एजेंसी, मॉल, मेडिसिन एजेंसी, बैंक आदि क्षेत्रों में इस कोर्स में दक्ष लोगों की ज्यादा मांग है। डीटीपी प्रशिक्षण लेकर छात्र प्रिंटिंग क्षेत्र में अपना करियर संवार सकते हैं। स्वरोजगार के लिए ये विकल्प भी हैं खुले बाइट कंप्यूटर के निदेश संजय कुमार ने मैट्रिक पास छात्र-छात्राओं को सलाह के तौर पर ममोबाइल रिपेयरिंग कोर्स का प्रशिक्षण, कम अवधि वाला कोर्स सीसीटीवी इंस्टॉलेशन, पोलिटेक्निक में प्रवेश लेकर कंप्यूटर व आईटी कोर्स,आईटीआई में फिटर व इलेक्ट्रिशियन का दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स, हार्डवेयर नेटवर्किंग कोर्स, चिकित्सा के क्षेत्र में छह माह से लेकर दो वर्ष तक का पारा मेडिकल कोर्स व नर्सिंग होम में नामांकन, अंग्रेजी स्पोकन कोर्स करने का सुझाव दिया है ताकि कोर्स पूरा होने के बाद रोजगार आसानी से मिल सके। मैट्रिक व 12वीं के जिला टॉप-10 को नि:शुल्क कम्पयूटर ट्रेनिंगबाइट कम्पयूटर के निदेशक संजय कुमार ने इस बार 10वीं व 12वीं में जिले में टॉप-10 में जगह बनाने वालों बच्चों को फ्री में डीसीए कोर्स ट्रेनिंग देने की घोषणा की है। इसके लिए ऑनलाइन या कार्यालय आकर नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। लॉकडाउन खत्म होते ही सोशल डिस्टेसिंग के तहत वर्ग संचालन शुरू हो जाएगा।

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  • Web Title:Matriculation increased concerns in children from education to employment education