जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष सहित गिरफ्तार छात्र नेता को रिहा करे सरकार: चक्रवर्ती
देशव्यापी कार्यक्रम के तहत आरवाईए ने निकला प्रतिवाद मार्च। ... भेदभाव पर रोक लगाने, रोहित एक्ट लागू करते तथा शिक्षा विरोधी जेएनयू के कुलपति को हटाने की मांग को लेक

बेगूसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। शिक्षा संस्थानों में बढ़ते जातीय भेदभाव पर रोक लगाने, रोहित एक्ट लागू करते तथा शिक्षा विरोधी जेएनयू के कुलपति को हटाने की मांग को लेकर मार्च कर रहे जेएनयू छात्रों पर बर्बर पुलिस दमन की घटना पर शनिवार को इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के देशव्यापी आह्वान पर शहर में प्रतिवाद मार्च निकला गया। नौजवानों का जत्था कचहरी रोड स्थित कमलेश्वरी भवन से निकल कैंटीन चौक पर पहुंच प्रदर्शन किया। कुमार चक्रवर्ती ने कहा कि जेएनयू से एजुकेशन मिनिस्ट्री तक शांतिपूर्वक मार्च निकाल रहे छात्रों को जेएनयू के गेट पर जंजीरों और बैरिकेडिंग लगाकर छात्रों को रोकना, 50 से अधिक छात्रों को हिरासत में लेना, घायलों को इलाज से वंचित रखना और छात्र नेताओं को जेल भेजना लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा वोरा सहित 14 छात्र नेताओं को तिहाड़ जेल भेजे जाने की कार्रवाई से स्पष्ट है कि असहमति की आवाज़ को कुचलने की सुनियोजित कोशिश की जा रही है। अधिवक्ता विकास कुमार आजाद ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विश्वविद्यालयों को विचार-विमर्श और लोकतांत्रिक बहस के मंच के बजाय नियंत्रण और दमन की प्रयोगशाला में बदलना चाहती है। प्रभात कुमार पिंटू ने जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा सहित सभी 14 छात्र नेताओं को तत्काल रिहा करने, जातिवादी बयानों में घिरे कुलपति को बर्खास्त करने व रोहित एक्ट लागू कर शिक्षा संस्थानों में भेदभाव खत्म करने की मांग की। मौके पर चंद्रदेव वर्मा,विजय पासवान, आइसा नेता अजय कुमार, मुकेश कुमार, ऋतिक कुमार, श्रवण कुमार, सोनू मल्लिक, रोमन रॉय, नीलेश कुमार, दिलीप ठाकुर सहित , केशव कुमार, बंटी कुमार, बीसो कुमार, सहित अन्य छात्र-युवा मौजूद थे।
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