विंदेश्वरी पुस्तकालय बनता जा रहा खंडहर
फोटो नं.12, खंडहर बनता जा रहा गढ़पुरा प्रखंड मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक विन्देश्वरी पुस्तकालय। एक-एक कर गायब हो गईं। पुस्तकालय का भवन फिलहाल खंडहर का रूप लेता जा रहा है। ग्रामीण देवव्रत प्रसाद

गढ़पुरा, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक विन्देश्वरी पुस्तकालय देख-रेख के अभाव में अपना वजूद खोता जा रहा है। अब यह सिर्फ दिखावे का रह गया है। वर्ष 1932 में स्थापित यह पुस्तकालय जिले के पंजीकृत पुस्तकालयों में से एक है। इसका भवन वर्तमान में जर्जर है। रखरखाव और समुचित देखरेख के अभाव में किताबें एक-एक कर गायब हो गईं। पुस्तकालय का भवन फिलहाल खंडहर का रूप लेता जा रहा है। ग्रामीण देवव्रत प्रसाद सिंह बताते हैं कि ऐतिहासिक पुस्तकालय स्वतंत्रता सेनानी विंदेश्वरी बाबू के नाम पर रखा गया। अपने समय में इस पुस्तकालय का महत्वपूर्ण स्थान था। दूर-दूर के लोग यहां पुस्तकों का अध्ययन करने पहुंचते थे।
इस पुस्तकालय के बारें में बुजुर्ग देवव्रत सिंह बताते हैं कि यह कभी आध्यात्मिक चेतना का केंद्र था। एक से बढ़कर एक प्राचीन पुस्तकें इस पुस्तकालय में उपलब्ध थीं। 90 का दशक आते-आते यहां की व्यवस्था चरमरा गई और आज स्थिति यह है कि पुस्तकालय सिर्फ नाम का रह गया है। पुस्तकालय के आगे कूड़े कचरे का अंबार लगा रहता है। यहां सांसद और विधान पार्षद की अनुशंसा पर पुस्तकें भी उपलब्ध कराई गईं पर भवन की स्थिति को देखते हुए इसे कहीं और सुरक्षित रखा गया है। नरेन्द्र सिंह, शिक्षक एच. रहमान, पंडित रोहित झा, समाजसेवी सुशील सिंघानिया आदि ने विधान पार्षद और विधायक से इस पुस्तकालय का जीर्णोद्धार कराने की मांग की है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




