एमपी-एमएलए कोर्ट से मिली मंत्री गिरिराज सिंह को नियमित जमानत
प्रादेशिक::::::::मामला 6 अप्रैल 2019 को चुनावी सभा के दौरान दिए गए दो गज जमीन बयान से जुड़ा हुआ है

बेगूसराय, हिटी। केंद्रीय मंत्री व बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोप पत्र समर्पित होने के बाद उन्हें नियमित जमानत दे दी। गरिराज सिंह के अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने नियमित उपस्थिति से छूट देने का आवेदन दिया। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
राजनीतिक विवाद
गौरतलब है कि 6 अप्रैल 2019 को चुनावी सभा के दौरान दिए गए दो गज जमीन बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। बाद में इसी मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सुनवाई के दौरान मूल केस डायरी के गायब होने का मुद्दा भी समय-समय पर उठता रहा है। फिलहाल अग्रिम जमानत बरकरार रहने से गिरिराज सिंह को राहत मिली है जबकि अदालत के अगले आदेश पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
गिरिराज सिंह का बयान
इधर, कोर्ट से बाहर निकलने के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मामला गलत था। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के दौरान पुरानी दुश्मनी के आधार पर उन पर ऐसी धाराएं लगाई गई थीं, मानो वे कोई आतंकवादी हों। उन्होंने अदालत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायालय ने उन्हें पहले भी राहत दी थी।
मामले की पैरवी
मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान जीडी कॉलेज परिसर में अमित शाह की आयोजित सभा में दिए गए भाषण को आधार बनाकर धार्मिक विद्वेष फैलाने समेत विभिन्न आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उस समय तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर थाना में कांड संख्या 221/2019 दर्ज कराया गया था। कहा कि इतने वर्षों के बाद भी अभियोजन की ओर से कोई ठोस और प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका है। कथित भाषण की प्रमाणिक ऑडियो रिकॉर्डिंग, जब्ती सूची अथवा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज न्यायालय के समक्ष उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में मामले की प्रमाणिकता पर सवाल खड़े होते हैं।
टीएमसी नेताओं पर आरोप
नौटंकी कर रहे हैं टीएमसी नेता पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता अभिषेक बनजी व कल्याण बनर्जी नौटंकी कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनपर हुए हमले में जो आरोपित पकड़े गये हैं वे टीएमसी से ही जुड़े हैं। टीवी में दिख रहा है कि नेता खुद से गिर रहे हैं। अभिषेक बनर्जी को हेलमेट पहनाकर टीएमसी ने नौटंकी के लिए ही भेजा था। कहा कि ये घटनाएं पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी की सरकार को बदनाम करने की साजिश है। टीएमसी की पार्टी सत्ता में रहते हुए तानाशाही पार्टी थी। तत्कालीन सरकार ने जनप्रतिनिधियों को हत्या कर लटका दिया था। बंगाल की जनता इस नौटंकी को समझ रही है। वहीं कपिल सिब्बल पर तंज कसते हुए कहा कि वे भूल गये हैं जब देश में सिक्खों का नरसंहार हुआ था। कपिल सिब्बल उस पार्टी के नेता हैं जो हजारों सिक्खों की हत्या की गुनाहगार रही है।
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