नष्ट फसलों का आकलन नहीं करने पर भड़के किसान
तेघड़ा के काजी रसलपुर पंचायत के किसानों ने आंधी और वर्षा से हुई फसल क्षति के आकलन में देरी को लेकर नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि मक्के और गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन किसान सलाहकारों द्वारा सर्वे नहीं किया गया। कृषि अधिकारी ने आश्वासन दिया कि सर्वे कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।

तेघड़ा, निज प्रतिनिधि। आंधी पानी में बर्बाद हुई फसल का आकलन नहीं होने से काजी रसलपुर पंचायत के दर्जनों किसानों ने किसान सलाहकार और कृषि अधिकारी के प्रति नाराजगी जताई है। किसानों ने बताया कि पिछले दिनों आई आंधी व वर्षा से उनके खेतों में मक्के और गेहूं की फसल को भारी क्षति हुई है। लेकिन, किसान सलाहकारों की मनमानी से उनके खेतों का सर्वे नहीं किया गया है। सुधीर चौधरी, संतोष चौधरी, संजय चौधरी, रामनरेश चौधरी, आनंद कुमार गौतम, रामबाबू चौधरी समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि एक सप्ताह के अन्दर दो दिन आंधी और वर्षा का कहर फसल पर टूटा।
गेहूं और मक्के की फसल धरती पकड़ ली है। किसानों का आरोप है कि गेहूं काटने के लिए मजदूर मिलते नहीं हैं। हार्वेस्टर से गिरे हुए गेहूं की बालियों को काटा नहीं जा सकता। इससे किसान ऐसे गेहूं की बालियों को खेतों में ही छोड़ने को मजबूर हैं। भगवानपुर प्रखंड के कृषि अधिकारी ने बताया कि सभी किसानों का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट भेजा जाएगा। अगर कोई किसान सलाहकार मनमानी करेंगे तो उनके विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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