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28 नवंबर, 2020|7:50|IST

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पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं होने से फजीहत

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रेल प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण को लेकर विगत सात माह से पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन बंद रखने से यात्रियों को फजीहत झेलनी पड़ रही है। सड़क मार्ग से यात्रा करने में अधिक समय लग रहा है। साथ ही, किराया का खर्च भी ज्यादा हो रहा है। इससे कोरोना संकट से परेशान लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके बावजूद रेल प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। दैनिक रेलयात्रियों का कहना है कि रोड पर आवागमन के दौरान हादसे की आशंका भी बनी रहती है। इससे परिजन भी सहमे रहते हैं।

रेल प्रशासन द्वारा गत 23 अक्टूबर से एक मात्र बरौनी-दानापुर पैसेंजर ट्रेन मोकामा के रास्ते चलाना शुरू तो कर दिया गया है लेकिन बरौनी-हाजीपुर, बरौनी -समस्तीपुर, बरौनी-कटिहार, तिलरथ-जमालपुर आदि नियमित पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन पर अभी तक ब्रेक लगा है। इससे यात्रियों को उक्त रेलखंड पर आने जाने के लिए सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। नतीजतन समय की बर्बादी के साथ ही अत्यधिक खर्च के बोझ से भी लोगों को जूझना पड़ रहा है। यात्रियों की इस गंभीर समस्या को देखने वाला कोई नहीं है।

विदित हो कि इसके पहले कोरोना काल में जेईई व नीट की परीक्षा में छात्रों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा विभिन्न रूटों से ट्रेन परिचालन कराया गया था। इस कारण लोगों में उम्मीद जगी थी कि त्योहारों को देखते हुए रेलवे द्वारा पैसेंजर ट्रेनों को चलाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

दैनिक यात्री रमेश कुमार, सुनील कुमार, माला देवी, राजीव कुमार आदि ने कहा कि कोरोना काल में अनलॉक-4 में कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन रेलवे बोर्ड ने शुरू किया है लेकिन आम लोगों को इससे बहुत फायदा नहीं हो रहा है। खासकर पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन बंद रहने से स्थानीय दैनिक यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। जबकि पैसेंजर ट्रेनों के रूट पर रोजाना हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में ट्रेन परिचालन बंद रहने से आम यात्रियों के साथ ही व्यापारियों, कर्मचारियों व छात्र-छात्राओं को फजीहत झेलनी पड़ रही है। दैनिक यात्रियों ने रेल प्रशासन से कोविड-19 से बचाव की शर्तों के अनुपालन के साथ पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन अविलंब शुरू कराने की मांग की है ताकि आवागवन में सहूलियत मिल सके।

क्या कहते हैं अधिकारी

रेल प्रशासन द्वारा अभी मात्र बरौनी-दानापुर पैसेंजर ट्रेन चलाने की स्वीकृति मिली है। अन्य पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन की स्वीकृति मिलते ही परिचालन शुरू कराया जाएगा।

रत्नेश कुमार, स्टेशन प्रबंधक, बरौनी

लाखो से चलायी जाए बरौनी-दानापुर मेमू ट्रेन

बेगूसराय। नगर संवाददाता

पहले मोकामा से दानापुर के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन का मार्ग विस्तार कर इस बरौनी से चलाये जाने से बरौनी व आसपास के यात्रियों को सुविधा मिलने लगी है। लेकिन, जिला मुख्यालय स्थित बेगूसराय रेलवे स्टेशन से जुड़े सैकड़ों गांवों के लोग इस ट्रेन की सुविधा से वंचित हो रहे हैं। दैनिक रेलयात्री संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि 03217/18 बरौनी-दानापुर मेमू ट्रेन का मार्ग विस्तार लाखो स्टेशन तक किया जाना चाहिए। कारण यह कि बेगूसराय स्टेशन पर अभी प्लेटफार्म नं. 03 तैयार नहीं हुआ है इसलिए इस मेमू ट्रेन को अविलंब लाखो स्टेशन तक विस्तारित किया जाना यात्री हित में अनिवार्य है।

इसके साथ ही जमालपुर-मुंगेर-बेगूसराय-तिलरथ डेमू/ मेमू ट्रेन जल्द चलवाने की मांग भी दैनिक यात्रियों ने की है। खासकर बेगूसराय से मुंगेर व भागलपुर आने-जाने दैनिक यात्रियों को फिलहाल परेशानियों से जूझना पड़ रहा है क्योंकि इस रूट में बस सर्विस भी नहीं है। मुंगेर में बेगूसराय का प्रमंडल मुख्यालय भी है। साथ ही, बेगूसराय जिले के लोगों के लिए बिहार बोर्ड आफिस का क्षेत्रीय कार्यालय मुंगेर ही है जहां बेगूसराय के सैकड़ों बच्चे मार्कशीट व सर्टिफिकेट लाने के लिए मुंगेर जाते-आते हैं। अभी लोकल ट्रेन डेमू/ मेमू नहीं चलने से जनता को अपार परेशानी हो रही है।

राजीव कुमार, दिलीप सिन्हा, शंभू कुमार आदि रेलयात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने को अतिआवश्यक बताते हुए कहते हैं कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर यूनिवर्सिटी, उलाव हवाई अड्डे से उड़ान सेवा व मेडिकल कॉलेज की मांग वर्षों से अधूरी है। ऐसे में ट्रेन सेवाओं में सुधार नितांत जरूरी है। ट्रेन सुविधा में विस्तार से बेगूसराय में यातायात व्यवस्था तो बेहतर होगी ही, बेहतर ट्रेनें इकोनॉमी को भी रफ्तार देंगी। लेकिन, आजादी के 74 वर्ष बाद भी बेगूसराय स्टेशन होकर हावड़ा, कोलकाता व सियालदाह के लिए कोई ट्रेन नहीं दी गई है।

ट्रेनों के ठहराव को तरस रहे बेगूसराय के लोग

बेगूसराय। नगर संवाददाता

बेगूसराय स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर डेवलप करने की बात तो हो रही है लेकिन यहां अब तक एक दर्जन ट्रेनों का ठहराव ही नहीं दिया गया है। विडंबना यह कि यहां राजधानी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन रूकती है लेकिन 16 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव बेगूसराय स्टेशन पर नहीं दिया गया है। अभी चालू हुई दो ट्रेनें क्रमशः 02563/64 सहरसा- नई दिल्ली सुपरफास्ट हमसफ़र क्लोन ट्रेन डेली और 05485/86 कटिहार-दिल्ली हमसफ़र क्लोन साप्ताहिक ट्रेन का ठहराव नहीं दिया गया है। बेगूसराय स्टेशन पर नहीं रूकने वाली ट्रेनों की लिस्ट में दो और स्पेशल ट्रेनें शामिल हो गयी हैं। ये ट्रेनें हैं 04411/12 सहरसा- दिल्ली द्विसप्ताहिक सुपरफास्ट उत्सव स्पेशल ट्रेन एवं 04623/24 सहरसा- अमृतसर द्विसप्ताहिक सुपर फास्ट स्पेशल ट्रेन। इन दोनों ट्रेनों का भी ठहराव बेगूसराय स्टेशन पर नहीं दिया गया है। अब इन्हीं ट्रेनों को पकड़ने के लिए बेगूसराय के सैकड़ों यात्री टाटा, टेम्पो, जीप में लटककर बरौनी जंक्शन जाने को मजबूर हो रहे हैं । इससे बेगूसराय के हजारों यात्री आर्थिक, शारीरिक, मानसिक रूप से शोषण व दोहन के शिकार हो रहे हैं।

बेगूसराय जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों बेगूसराय, मटिहानी, साहेबपुरकमाल, चेरियाबरियारपुर व बखरी के हजारों रेलयात्री प्रतिदिन बेगूसराय स्टेशन या बस स्टैंड आते हैं। यहां से टाटा, टेम्पो या जीप में लटककर जान जोखिम में डालकर इन ट्रेनों को पकड़ने बरौनी जंक्शन जाते हैं जो बेगूसराय स्टेशन पर नहीं रूकती है। कुछ दिन पहले प्रारंभ हुई 02563/64 सहरसा- नयी दिल्ली सुपरफास्ट हमसफ़र क्लोन ट्रेन का ठहराव भी बेगूसराय स्टेशन पर नहीं दिया गया है जबकि इस ट्रेन में यात्रा करने वाले अधिकतर यात्री बेगूसराय के आसपास के होते हैं जो सुबह सुबह बरौनी जंक्शन जाने को मजबूर हो रहे हैं।

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  • Web Title:Failure due to non-commencement of passenger trains