Hindi NewsBihar NewsBegusarai NewsExpansion of Practical Training Board Office in Begusarai to Enhance Education Opportunities
व्यवहारिक प्रशिक्षण बोर्ड का विस्तारित कार्यालय जीडी कॉलेज में

व्यवहारिक प्रशिक्षण बोर्ड का विस्तारित कार्यालय जीडी कॉलेज में

संक्षेप:

लीड युवा पेज ... तथा उत्तीर्ण छात्रों को रोजगार के लिए सशक्त किया जा सकेगा फोटो नंबर: छह, जीडी कॉलेज में बुधवार को आयो

Jan 08, 2026 07:26 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बेगुसराय
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बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत व्यवहारिक प्रशिक्षण बोर्ड (पूर्वी क्षेत्र) का विस्तारित कार्यालय शहर के प्रतिष्ठित संस्था गणेश दत्त महाविद्यालय में प्रारम्भ होने जा रहा है। ज्ञातव्य हो कि यह बोर्ड शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्त इकाई है जो देश के पूर्वी क्षेत्र में आने वाले सभी राज्यों में राष्ट्रीय शिक्षुता प्रशिक्षण योजना ( नेशनल अप्रेंटिस ट्रेनिंग स्कीम) के कार्यान्वयन एवं निगरानी के लिए अधिकृत है। इस बोर्ड का कार्यक्षेत्र बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, आसाम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालेंड, सिक्किम एवं केंद्र शाषित आंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक विस्तारित है।

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बोर्ड के निदेशक सह क्षेत्रीय शिक्षुता सलाहकार डॉ. एजाज अहमद ने बताया कि यहां के छात्रों को योजना की सभी सुविधाओं का लाभ सहज सुलभ हो, इसके लिए मंत्रालय ने जिला को आकांक्षी जिला घोषित किया है। अब बेगूसराय एवं आसपास के छात्रों के लिए इस योजना की सभी सुविधाएं आसानी पूर्वक प्राप्त हो पाएंगी। जिले के स्नातक एवं डिप्लोमा में अध्यनरत, तथा उत्तीर्ण छात्रों को रोजगार के लिए सशक्त किया जा सकेगा। बेगूसराय अवस्थित विस्तारित कार्यालय से भी एनएटीएस से सम्बंधित सभी कार्यों को सम्पादित किया जायेगा । इसके अंतर्गत छोटे-बड़े उद्योगों एवं संस्थानों को जोड़ा जायेगा। ताकि छात्रों को प्रशिक्षण की सुविधा स्थानीय स्तर पर भी उपलब्ध कराया जा सके। छात्रों को प्रशिक्षण अवधि में छात्रवृति भी प्रदान किया जायेगा, जो एक वर्ष के लिए होगा। डिग्री एवं डिप्लोमा के छात्रों के लिए छात्रवृति न्यूनतम क्रमशः ₹9000 तथा ₹8000 होगी। सफलता पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात सभी छात्रों को भारत सरकार द्वारा प्रवीणता प्रमाणपत्र दिया जायेगा। शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग के पक्ष व विपक्ष में विद्यार्थियों ने रखे विचार बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। गणेशदत्त जयंती-सह-गणेशदत्त महाविद्यालय स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में भौतिकी दीर्घा में विविध तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। खासकर के वाद-विवाद का विषय शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग को लेकर पक्ष और विपक्ष की तरफ से ढेर सारे महत्वपूर्ण विचारों का आदान- प्रदान किया गया। प्रधानाचार्य प्रो. भूपेन्द्र नारायण के मार्गदर्शन और प्रो. अंजनी कुमार के संयोजन में 100 से अधिक छात्र- छात्राओं ने भाग लिया। इसके अलावा आशु-भाषण, शुद्ध-लेखन हिन्दी, अंग्रेजी और उर्दू में प्रतियोगिता आयोजित की गयी। निर्णायक मंडल के रूप में डॉ. सहर अफरोज, डॉ श्रवसुमी कुमारी, डॉ अनुप्रिया रॉय श्रीवास्तव, डॉ० मसरूर अहमद हैदरी, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. केतन कुमार, डॉ. जितेन्द्र कुमार, डॉ. अभिषेक कुन्दन, डॉ. अंजनी कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर सांस्कृतिक परिषद के समन्वयक डॉ. कुन्दन कुमार ने बताया कि इस प्रतियोगिता में सफल छात्र- छात्राओं को विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित युवा महोत्सव में भाग लेने का मौक़ा मिलेगा। साथ ही महाविद्यालय के स्थापना दिवस 13 जनवरी के मौके पर पुरुस्कृत किया जाएगा। मंचीय सहयोग सुमित कुमार ने किया। गणेशदत्त महाविद्यालय की विरासत को समृद्ध करना और उसको साथ लेकर चलना एक दुरूह कार्य: प्रो. चंद्रभानु बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। गणेशदत्त महाविद्यालय शिक्षक संघ बेगूसराय सह प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा गुरदक्षिणा सह सम्मान समारोह का आयोजन पीजी गैलेरी में किया गया। अध्यक्षता प्रधानाचार्य प्रो भूपेंद्र नारायण ने की एवं संचालन डॉ. कुंदन कुमार ने किया। प्राचीन इतिहास विभाग के छात्रों द्वारा प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष रहे प्रो चंद्रभूषण प्रसाद सिन्हा के अवकाश ग्रहण पर उन्हें सम्मान पूर्वक विदाई दी गयी। प्रो. चंद्रभानु प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षक कभी रिटायर्ड नहीं होते हैं, बल्कि वह रि-टायर होते हैं। वे अपने दूसरे नए जीवन की शुरुआत करते हैं। उन्होंने कहा कि गणेशदत्त महाविद्यालय की विरासत को समृद्ध करना और उसको साथ लेकर चलना एक दुरूह कार्य है। वहीं एसबीएसएस कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अवधेश कुमार सिंह ने कहा की यह महाविद्यालय आज के दौर में भी अपनी विरासत को लेकर काम कर रहा है और भविष्य में इसके पुराने छात्रावास स्थल पर कई तरह के पाठ्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। प्रो. चंद्रभूषण प्रसाद सिन्हा ने कहा कि महाविद्यालय में 29 वर्षों की सेवा में यह कभी नहीं लगा कि बेगूसराय मेरे लिए अनजान शहर है। समारोह को प्रो. राजेंद्र साह, डॉ. राम अकबाल सिंह, प्रो. सच्चिदानंद सिंह, प्रो. लाल बहादुर सिंह, डॉ. देवनीति प्रसाद, प्रो. गणेश प्रसाद, प्रो. जेपी शर्मा, प्रो. अंजनी कुमार, डॉ. अमिय कृष्ण, डॉ. अभिषेक कुन्दन, डॉ. अरमान आनंद, डॉ. जिकरुल्ला खान, डॉ. कुमारी रंजना, लेखापाल कल्याणेश अग्रवाल, राजीव कुमार सहित अन्य संबोधित किया। मौके पर महाविद्यालय शिक्षक संघ के डॉ. उपेन्द्र कुमार, उपाध्यक्ष डॉ. रामानन्द सिंह, सचिव डॉ. राकेश रौशन व प्राचीन इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सुधीर चन्द्र वर्मा, डॉ. बिपिन कुमार, डॉ. राजजीत, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. प्रशांत, डॉ. प्रीतम कुमार, डॉ. श्रवसुमी, डॉ. प्रियंका, डॉ. अनुप्रिया व अन्य थे।