14 अप्रैल को खत्म होगा खरमास, 20 से गूंजेगी शहनाई

Apr 06, 2026 07:50 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बेगुसराय
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14 अप्रैल को सूर्य के राशि परिवर्तन के बाद खरमास समाप्त होगा। इसके साथ ही शादी-ब्याह और अन्य मांगलिक कार्यों की धूम शुरू होगी। 20 अप्रैल से विवाह के लिए शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है, जिससे दुकानदारों को अच्छी बिक्री की संभावना है।

14 अप्रैल को खत्म होगा खरमास, 20 से गूंजेगी शहनाई

गढ़पुरा, एक संवाददाता। आगामी 14 अप्रैल को सूर्य के राशि परिवर्तन के बाद से खरमास समाप्त हो जाएगा। खरमास की अवधि समाप्त होने के साथ ही एक बार फिर से शादी-ब्याह और अन्य मांगलिक कार्यों की धूम शुरू होने जा रही है। मालीपुर निवासी आचार्य देवानंद पाठक ने बताया कि 14 मार्च से खरमास शुरू होने के बाद से मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह से विराम लग गया था। ऐसे में विवाह, मुंडन, कर्णछेदन आदि संस्कारों के मुर्हूत नहीं थे। लेकिन, अब 14 अप्रैल की सुबह 12:06 बजे सूर्य मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ खरमास समाप्त हो जाएगा।

जबकि, वैवाहिक मुहूर्त 20 अप्रैल से शुरू होगा। आचार्य ने बताया कि अप्रैल महीने में 03 और मई माह में विवाह के लिए 05 शुभ मुहूर्त हैं। 17 मई से 15 जून तक अधिक मास होने के कारण मांगलिक कार्य पर विराम रहेगा। उसके बाद 19 जून से फिर से वैवाहिक मुहूर्त शुरू होगा। जून में चार और जुलाई माह में दो शुभ मुहूर्त रहेंगे। बाजार में बढ़ी रौनक,दुकानदारों को उम्मीद खरमास के दौरान बाजारों में अपेक्षाकृत सुस्ती देखी जा रही थी लेकिन अब दुकानदारों को अच्छी बिक्री की उम्मीद है। कपड़ा, गहना, बर्तन, फर्नीचर और सजावटी सामान की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। व्यापारियों का कहना है कि 20 अप्रैल के बाद से विवाह सीजन जोर पकड़ लेगा, जिससे कारोबार में तेजी आएगी। वहीं टेंट, बैंड बाजा, वेटर, हलवाई और खाना बनाने वाले कारीगरों को कारोबार शुरू होने की उम्मीद प्रबल है। शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय, परिवारों में बढ़ी हलचल आचार्य के अनुसार सूर्य का मेष राशि में प्रवेश अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे नववर्ष के प्रारंभ के रूप में भी देखा जाता है। इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। इधर जिन परिवारों में पहले से विवाह तय हैं, वहां तैयारियां तेज हो गई हैं। शादी के कार्ड बांटे जा रहे हैं, रिश्तेदारों को निमंत्रण भेजा जा रहा है और घरों में सजावट का काम शुरू हो गया है। महिलाएं खरीदारी में जुटी हैं, वहीं पुरुष आयोजन की व्यवस्था में लगे हैं। 14 अप्रैल को ही वैशाखी और सतुआन कोरैय निवासी पंडित नवल किशोर झा ने बताया कि इस बार 14 अप्रैल का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन खरमास समाप्त होने के साथ-साथ वैशाखी और सतुआन का पर्व भी मनाया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में सतुआन को लेकर विशेष उत्साह रहता है। इस दिन लोग सत्तू, गुड़ और आम के पत्तों से पूजा-अर्चना कर नए सत्र की शुरुआत करते हैं। जानकारों के अनुसार जनवरी माह में खरमास के समापन के दिन लोग दही-चूड़ा और गुड़ भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं। वहीं चैत्र मास के खरमास के समापन होने पर नए सत्र की शुरुआत नूतन अनाज यथा सतुआ, आम के टिकोले के चटनी आदि ग्रहण कर करते हैं। इसको लेकर खास कर किसान परिवारों में विशेष उत्साह रहता है। विवाह के शुभ मुहूर्त अप्रैल - 20 , 26 , 27 मई - 01 , 04 , 05 , 08 ,13 जून - 19 , 25 , 26 ,27 जुलाई - 01 , 02

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