
व्यापारियों व उद्यमियों ने विद्युत टैरिफ नहीं बढ़ाने का दिया प्रस्ताव
लीड:::::::उद्यमियों ने विद्युत वितरण व्यवस्था में व्यापक सुधार का दिया सुझाव म में विद्युत विनियामक बोर्ड के अधिकारी। बेगूसराय, नगर संवाददाता। विद्युत सप्लाई में लापरवाही से इंडस्ट्रीज को स
बेगूसराय, नगर संवाददाता। विद्युत सप्लाई में लापरवाही से इंडस्ट्रीज को सलाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। इंडस्ट्रियल डेडिकेटेड फीडर में अब भी निर्बाध विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण टैरिफ बढ़ाने से पहले विद्युत सप्लाई व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरुरत है। ये बातें नए विद्युत दर निर्धारण को लेकर बिहार विद्युत विनियामक आयोग की गुरुवार को कारगिल विजय भवन में आयोजित सुझाव एवं जन सुनवाई कार्यक्रम में जिले के इंडस्ट्रियल एरिया से आये उद्यमियों ने कहीं। उद्यमियों ने जन सुनवाई में विद्युत कंपनी के क्रियाकलाप को लेकर सबसे ज्यादा अपनी व्यथा सुनाई। इनमें बरौनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के हेमंत राज ने पहले से चल रहे टैरिफ को लेकर भी कई सवाल किये।
बिजली कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही की भी जमकर आयोग के समक्ष शिकायत की। चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रकाश टिबड़ेवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना मकान मालिक की अनुमति के विद्युत कनेक्शन दे दिया गया है। 2017 से बिना भुगतान अब तक लाइन चालू है, यह कैसे। इस पर आयोग के अधिकारियों ने विद्युत कंपनी के अधिकारी को जांच का आदेश दिया। वहीं, कृष्णा राइस प्रोसेसिंग के उद्यमी अंजनी कुमार ने कहा कि बिना सूचना लाइन काट दी जा रही है। डेडिकेटेड फीडर के बावजूद एक दिन में 15 से 20 बार बिजली कट रही है। इससे समय और पैसे दोनों का काफी नुकसान हो रहा है। इस पर आयोग के अधिकारियों ने विद्युत कंपनी के अधिकारियों को फीडर ट्रिपिंग पर क्लास लगाते हुए इस समस्या को अविलंब दूर करने का निर्देश दिया। वहीं, बरौनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अनय कुमार झा ने कहा कि फिक्स चार्ज में फिर से कन्फ्यूजन किया जा रहा है। इसे स्पष्ट करने की जरुरत है। इसके अलावा उद्यमी संतोष राय ने विद्युत ट्रिपिंग के अलावा बिना सूचना बिजली कटने की शिकायत रखी। वहीं, अमजद खान ने प्रस्ताव देते हुए कहा कि किलोवाट को केवीए में नहीं बदलें एवं डिमांड चार्ज को घटाकर 50 प्रतिशत करने को कहा। इसके अलावा विनोद कुमार, मणिभूषण, अविनाश कुमार ने भी आयोग के समक्ष फिक्स चार्ज में कटौती का प्रस्ताव दिया। वहीं, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले से आये उद्यमी सुबोध कुमार सुमन व सुमित कुमार ने भी समस्या रखते हुए कहा कि कनेक्शन देने में टेक्निकल फॉल्ट बता महीनों से कनेक्शन नहीं दिये जा रहे हैं। ऐसे में नई इंडस्ट्रीज कैसे चलेगी। वहीं, विद्युत उपभोक्ता महताब आलम ने कहा कि बिजली ठीक करने में तीन दिन का वक्त लगाया जाता है। काम के लिए मिस्त्री को पैसे देने पड़ते हैं। वहीं, अन्य उपभोक्ताओं ने भी आयोग के समक्ष लापरवाही के आरोप लगाये। इस महत्वपूर्ण बैठक में बिहार विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमेन आमिर सुबहानी, सदस्य परशुराम सिंह व अरुण कुमार सिन्हा थे। वहीं, विद्युत कंपनी के अधिकारियों में मुख्य अभियंता (संचालन एवं संधारण), मुख्य अभियंता (वाणिज्य), मुख्य अभियंता (परियोजना), अधीक्षण अभियंता (राजस्व), अधीक्षण अभियंता (आपूर्ति), अधीक्षण अभियंता (सीजीआरएफ) तथा विद्युत कार्यपालक अभियंता (आपूर्ति) बेगूसराय एवं बरौनी विद्युत आपूर्ति प्रमंडल के अन्य स्थानीय अधिकारी उपस्थित रहे। आयोग द्वारा सभी पक्षों की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना गया एवं नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया गया।

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