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बेगुसराय

कल्पवास मेला के मसले पर पुनर्विचार करे जिला प्रशासन

हिन्दुस्तान टीम,बेगुसरायPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 07:40 PM
कल्पवास मेला के मसले पर पुनर्विचार करे जिला प्रशासन

सिमरिया धाम। एक संवाददाता

आदि कुंभस्थली सिमरिया धाम के गंगातट पर राजा जनक के समय से चली आ रही कल्पवास की परंपरा पर जिला प्रशासन को कोरोना गाइडलाइंस के अनुरूप आयोजन को लेकर पुनर्विचार करना चाहिए। ये बातें अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद मिथिला शिक्षा मंच के संयोजक प्रो. पीके झा प्रेम ने कहीं। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में जैसे धार्मिक आयोजन किया जाता है वैसा ही सिमरिया धाम में भी वैक्सीन की अनिवार्यता, मास्क तथा सामाजिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित कर सिमरिया गंगा तट पर सादगी के साथ कल्पवास की अनुमति दी जानी चाहिए।

वहीं ॐ श्री संत गृहस्थ सेवा परिषद उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय सचिव स्वामी सत्यानंद जी ने आदि कुंभस्थली सिमरिया धाम में हजारों वर्ष से हो रहे कल्पवास मेला पर प्रतिबंध लगाने का विरोध करते हुए कहा कि इस तरह के कुव्यवस्था निश्चित रूप से सनातन धर्म एवं संस्कृति पर कुठाराघात है। कहा कि जहां जनसैलाब से संक्रमण का अत्यधिक खतरा होता है प्रशासन वहां खुलेआम छूट दे रहा है। वहीं, सनातन धर्म आधारित कल्पवास मेला जो आस्था का प्रतीक है, उसे संक्रमण के नाम पर प्रतिबंधित करना अनुचित है। स्वामी सत्यानंद ने कहा कि जिला प्रशासन कोरोना प्रोटोकॉल के तहत बचाव की व्यवस्था के तहत कल्पवास आयोजन पर पुनर्विचार करे। ऐसा नहीं होने पर संत समाज के साथ सनातन धर्म ध्वज संवाहक भी मर्माहत होकर आंदोलन की राह पकड़ने को बाध्य होंगे।

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