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28 नवंबर, 2020|8:15|IST

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जोर पकड़ने लगी है सवारी ट्रेन चलाने की मांग

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सवारी ट्रेनों का परिचालन बन्द रहने से तेघड़ा क्षेत्र के लोगों को अब रोज फजीहत झेलनी पड़ रही है। इससे पैसे तो अधिक लग ही रहे हैं कीमती समय भी जा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर कोर्ट कचहरी व अन्य कार्यों से यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों ने रेल प्रशासन से विभिन्न रूटों खासकर बरौनी - मुजफ्फरपुर, बरौनी- कटिहार, बरौनी -सोनपुर व बरौनी- सियालदह के बीच सवारी गाड़ियों के परिचालन शुरू करने पर जोर दिया है।

तेघड़ा बाजार वार्ड- छह के मो. नजरूल व शंकरानन्द ने बताया कि उन्हें कोर्ट कचहरी में मुंशीगिरी का कार्य करने के लिए बेगूसराय जाना होता है। टेम्पो से आने- जाने में 100 रुपये प्रतिदिन खर्च हो रहा है। जबकि ट्रेनों में एक महीना के लिए मात्र 150 खर्च लगता है। उन्होंने बताया कि बेगूसराय, खगड़िया, मोकामा व समस्तीपुर व हाजीपुर रुट के लिए प्रतिदिन सबेरे सिर्फ तेघड़ा स्टेशन से एक सौ से अधिक लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। लेकिन सवारी गाड़ियों के परिचालन बन्द रहने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अधिवक्ता राजकुमार सिंह उर्फ गुड्डू, शिवाकान्त, राजलक्ष्मी देवी व रामसोगारथ यादव आदि ने बताया कि जब सड़कों पर बस, टेम्पो व अन्य सवारी वाहनों का परिचालन प्रारम्भ किया गया है तब सवारी ट्रेनों का परिचालन बन्द रखने का कोई औचित्य नहीं है। तेघड़ा विधान सभा क्षेत्र के लोगों ने चुनाव आयोग से भी आग्रह किया है कि वह केन्द्रीय सरकार को सवारी गाड़ियों को चलाने के लिए आदेश दे ताकि लोगों को निजी वाहन चालकों के शोषण से मुक्ति मिल सके। यात्रियों ने सोनपुर व समस्तीपुर रेल मंडल के डीआर एम से यात्री गाड़ियों को चलाने की मांग की है।

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  • Web Title:Demand for riding train has started gaining momentum