छह महीने से नावकोठी-रजाकपुर सड़क निर्माण कार्य ठप
13 जून को पूरी हो जाएगी सड़क निर्माण पूर्ण करने की अवधि, 14 जून 2025 शुरू हुआ था कार्य

नावकोठी, निज संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय स्थित पावर हाउस चौक से रजाकपुर जाने वाली जर्जर सड़क का निर्माण कार्य पिछले करीब छह महीने से ठप पड़ा है। हालत यह है कि सड़क निर्माण पूर्ण करने की निर्धारित अवधि 13 जून 2026 को समाप्त हो जाएगी लेकिन अब तक निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और लोगों ने जल्द कार्य पूरा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों की नाराजगी
भाकपा माले नेता सह पूर्व मुखिया मुक्ति नारायण सिंह, भाकपा नेता सह पूर्व मुखिया गणेश महतो, मुखिया प्रतिनिधि मुकेश पासवान, पैक्स अध्यक्ष राजेश कुमार, उप प्रमुख नन्द किशोर पासवान, भाकपा अंचलमंत्री चन्द्र भूषण चौधरी, सहायक अंचलमंत्री जितेन्द्र कुमार समेत रजाकपुर पंचायत के ग्रामीणों ने विभागीय उदासीनता पर नाराजगी जतायी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की जर्जरता के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। बड़े-बड़े गड्ढों में वाहन फंस जाते हैं और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। कुछ महीने पूर्व ई-रिक्शा पलटने से तीन लोग घायल भी हो चुके हैं।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही गुणवत्ता की अनदेखी की गई। सड़क के कई हिस्सों से कंक्रीट उखड़ चुका है और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। पानी के बहाव से एक स्थान पर सड़क मिट्टी समेत कट गई थी जिसे बाद में मिट्टी और ईंट के टुकड़ों से भर दिया गया। इससे सड़क का वह हिस्सा ऊंचा हो गया और राहगीरों को पैदल चलने में भी परेशानी हो रही है।
कार्य की जानकारी
सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 3.850 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण 254.53 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य डीम अर्थ कोण प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कराया जा रहा है। योजना के तहत सड़क पर कालीकरण एवं पीसीसी कार्य होना है। कार्य प्रारंभ करने की तिथि 14 जून 2025 तथा समाप्ति तिथि 13 जून 2026 निर्धारित है।
स्थानीय समस्याएं
बखरी अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों व गांवों को जोड़ने वाली लाइफ लाइन सड़क है फिर भी निर्माण शुरू हुए 11 महीने बीत चुके हैं लेकिन अब तक जेसीबी से मिट्टी एवं मेटेरियल भराई का कार्य भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। जहां-जहां पुलिया का निर्माण हुआ है, वहां दोनों तरफ की दीवार सड़क के लेवल तक ही छोड़ दी गई है जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के तुरंत बाद ही कई जगहों से कंक्रीट उड़ने लगा था लेकिन संवेदक द्वारा उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। वर्तमान में सड़क पर दर्जनों स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं जिससे पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों, बाइक चालकों और ई-रिक्शा चालकों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है।
आंदोलन की चेतावनी
गौरतलब है कि यह सड़क बखरी अनुमंडल कार्यालय जाने का सबसे सुगम और व्यस्त मार्ग माना जाता है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और विभागीय लापरवाही से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद महतो, उप प्रमुख नंदकिशोर पासवान, राजेश कुमार, ललन पासवान, नरेश कुमार, अरविंद कुमार, बलराम राय, जितेंद्र कुमार, अरविंद ठाकुर, अशोक ठाकुर समेत दर्जनों ग्रामीणों ने ग्रामीण कार्य विभाग के वरीय अधिकारियों से शीघ्र सड़क निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। रिपोर्टर:सुधांशु
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