केंद्रीय मंत्री के दो गज बयान वाले एफआईआर की मूल डायरी गायब
2019 के लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के विवादित बयान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। मंत्री के अधिवक्ता ने एमपी/ एमएलए कोर्ट में आवेदन देकर संज्ञान नहीं लेने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि नगर थाना पुलिस ने लापरवाही दिखाई है और मूल डायरी गायब है।

मंत्री के अधिवक्ता ने एमपी/ एमएलए कोर्ट एसीजेएम-वन में आवेदन देकर संज्ञान नहीं लेने की लगाई गुहार वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जीडी कॉलेज की सभा में दिया गया विवादित बयान, डीएम के निर्देश पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी बेगूसराय, निज प्रतिनिधि।
मामले की सुनवाई
एमपी/ एमएलए कोर्ट एसीजेएम-वन कोर्ट में शुक्रवार को वर्ष 2019 में चर्चित दो गज जमीन वाले बयान पर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर दर्ज एफआईआर मामले में सुनवाई हुई। इस मामले में नगर थाना कांड संख्या 221/2019 प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान नगर थाने की पुलिस की फजीहत सामने आई।
अधिवक्ता का आवेदन
केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के अधिवक्ता व भारत सरकार के स्टेंडिंग कांसिल अमरेन्द्र कुमार अमर ने एक आवेदन देकर न्यायालय को अवगत कराया कि इस कांड की मूल डायरी ही गायब है। फोटो स्टेट डायरी, जप्ती सूचि के आधार पर न्यायालय द्वारा संज्ञान लेना विधि सम्मत नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी एसपी व डीआईजी के माध्यम से नगर थाना पुलिस को कारण बताओ नोटिस भेजा जा चुका है। लेकिन पुलिस के द्वारा आजतक उस केस से संबंधित मूल डायरी समर्पित नहीं की गयी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नगर थाना पुलिस ने इस महत्वपूर्ण मामले में जिस लापरवाही का परिचय दिया है, उससे पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
2019 के चुनाव का संदर्भ
अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2019 के लोकसभा के चुनाव में गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार के बीच मुकाबला था। इसमें जीडी कॉलेज की सभा में भाषण के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने दो गज जमीन वाले भाषण दिए थे। उसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी राहुल कुमार के निर्देश पर उन पर मामला दर्ज किया गया था। एमपी/ एमएलए कोर्ट एसीजेएम-वन के न्यायाधीश विवेक चंद्र वर्मा ने इन बातों को गंभीरता को देखते हुए केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर संज्ञान लेने से पूर्व साक्ष्यों के आभाव, प्राथमिक साक्ष्यों के कोने तथा अन्य बिंदुओं पर सम्यक विचारोपरांत संज्ञान लेने की बात कही है.
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लेखक के बारे में
Manoj Kumar Sahniशॉर्ट बायो : मनोज कुमार सहनी पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के लिए बेगूसराय से रिपोर्टिंग करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के लिए नियमित तौर पर रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध से जुड़ी घटनाओं पर विशेष पकड़। पिछले डेढ़ दशक से बेगूसराय जिले की पत्रकारिता में सक्रिय हैं।
कॅरियर का सफर
वर्ष 2002 में आज अखबार से पत्रकारिता की शुरुआत की। फिर प्रभात खबर से जुड़े। वर्तमान में हिन्दुस्तान के बेगूसराय जिला ब्यूरो टीम का हिस्सा हैं। क्राइम बीट को कवर करते हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बीएससी बायोलॉजी से स्नातक हैं। क्राइम, मेडिकल रिसर्च व हेल्थ बीट पर कमांड होने के साथ शिक्षा बीट पर भी पकड़ है।
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