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संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा: डॉ. दिनेश

संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा: डॉ. दिनेश

संक्षेप:

एमआरजेडी कॉलेज में संविधान दिवस पर बुधवार को संगोष्ठी में वक्ताओं ने रखे विचार .... भावना को बढ़ावा देना फोटो नंबर: छह, एमआरजेडी कॉलेज में संविधान दिवस पर बुधवार को संगोष्ठी का उद्घाटन

Nov 26, 2025 07:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बेगुसराय
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बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। महंत राम जीवन दास महाविद्यालय विष्णुपुर बेगूसराय में भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर एकदिवसीय संगोष्ठी की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अमित, प्रो. नवल किशोर झा, डॉ अमित गुंजन, डॉ दिनेश कुमार डॉ रवीन्द्र कुमार मुरारी ने संयुक्त रूप से किया। एसबीएसएस कॉलेज के राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गुंजन ने संविधान की मूल अवधारणा, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। जीडी कॉलेज के राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार ने छात्रों को संविधान के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान संदर्भों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है।

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यह नागरिकों को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अमित ने कहा कि संविधान विभिन्न धर्मो, भाषाओं और संस्कृतियों वाले करोड़ों लोगों को एकता के धागे में पिड़ोता है। संविधान दिवस मनाने का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में संवैधानिक मूल्य, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है। आज के दिन का महत्व इसलिए है कि इसी दिन 1949 में भारत की संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था। प्रो. नवल किशोर झा ने कहा कि संविधान दिवस के रूप में मनाया जाने वाला यह दिन हमें उन सिद्धांतों को संजोने और बनाए रखने की याद दिलाता है जो हमारे देश को एकजुट और आजाद रखते हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. अमृतेश भारद्वाज ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों में प्रो. सूरज कुमार, प्रो. राजा रोशन, डॉ. प्रियंका कुमारी, प्रो. द्रक्षा नियाज़ डॉ. जनकनंदिनी, डॉ. नसरीन बानो, प्रो. भोला सिंह, प्रो. रामाज्ञा सिंह, डॉ. बबली कुमारी सहितअन्य थे।