पंचायतों में बहाल होगी स्वास्थ्य सेवा: बीडीओ
तेघड़ा के अटल कलाम भवन में ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन चायतों के विकास और ग्रामीणों को उनके दरवाजे पर ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने पहल तेज हो गई है। गुरुवार को इस

तेघड़ा, निज प्रतिनिधि। पंचायतों के विकास और ग्रामीणों को उनके दरवाजे पर ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने पहल तेज हो गई है। गुरुवार को इसको लेकर अटल कलाम भवन में ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता बीडीओ राकेश कुमार व प्रखंड पंचायती राज अधिकारी संगीता कुमारी ने की। कार्यशाला में बताया गया कि स्वस्थ ग्राम थीम के चयन से गांवों की सामाजिक और बुनियादी तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद स्वस्थ्य विशेषज्ञों और पिरामल फाउंडेशन के कर्मियों ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और औषधियों से सुसज्जित किया जाएगा। आपातकालीन चिकित्सा हेतु पंचायतें अब स्वयं एम्बुलेंस या ई-रिक्शा एम्बुलेंस का परिचालन कर सकेंगी।
नौनिहालों के लिए बेहतर बैठक व्यवस्था, खेलकूद और शिक्षा के साधन विकसित किए जाएंगे। साथ ही, शत-प्रतिशत टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की निगरानी पंचायत स्तर पर होगी। कार्यक्रम में बताया गया कि बीपी, मधुमेह और थायराइड जैसे रोगियों की पहचान के लिए गांवों में नियमित शिविर आयोजित होंगे। फाइलेरिया व कालाजार उन्मूलन हेतु माइक्रो-प्लानिंग के साथ-साथ नशा मुक्ति के लिए सघन जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बीमारियों की जड़ पर प्रहार करने के लिए शुद्ध पेयजल, वैज्ञानिक जल निकासी और ठोस-तरल कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाएगी। बताया गया कि छह प्रमुख आर्थिक स्रोतों के माध्यम से पंचायतों में धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। मनरेगा के माध्यम से आंगनबाड़ी भवनों और सोखता गड्ढों का निर्माण कराया जाएगा, वहीं पंचम राज्य वित्त आयोग की राशि आपातकालीन जरूरतों को पूरा करेगी। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ भारत मिशन से कचरा प्रबंधन और स्वयं के राजस्व से जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। संवादात्मक सत्र के दौरान मुखिया अमलेश सिंह, कुमार अनुराग, किरण देवी, नीरज प्रभाकर, चंद्रभूषण सिंह और आरती कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। सभी ने एक स्वर में अपनी पंचायतों को आदर्श स्वस्थ पंचायत बनाने का संकल्प दोहराया। बीपीआरओ संगीता कुमारी ने विश्वास जताया कि पिरामल फाउंडेशन, आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से तेघड़ा की प्रत्येक पंचायत जिले के लिए एक मिसाल पेश करेगी। अनुमंडलीय अस्पताल के डॉ. संजय चौधरी, बीसीएम शारदा कुमारी और पिरामल फाउंडेशन के दीपक मिश्र ने सहयोग का आश्वासन दिया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




