मांगों के समर्थन में कॉलेजों के शिक्षकेतर कर्मचारियों ने की कलमबंद हड़ताल

Newswrap हिन्दुस्तान, बेगुसराय
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लीड युवा पेज :::::::::::र्मचारियों ने दिया धरना देकर जताया गया विरोध कर्मचारिों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से की पूर्व के समझौते को लागू करने

मांगों के समर्थन में कॉलेजों के शिक्षकेतर कर्मचारियों ने की कलमबंद हड़ताल

बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय कर्मचारी प्रक्षेत्रीय संघ दरभंगा एवं बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर दो दिवसीय कलमबंद हड़ताल बुधवार व गुरुवार को जिले के विभिन्न कॉलेजों में की गई।

शिक्षकों का समर्थन

शहर स्थित एसबीएसएस कॉलेज में शिक्षकेत्तर कर्मियो के समर्थन में इकाई शिक्षक संघ के सचिव एवं एलएनमुटा के महासचिव डॉ. नीलेश कुमार, उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार, डॉ मोहम्मद परवेज, डॉ. गोविंद पासवान, डॉ. विवेक कुमार सिंहा, डॉ विद्या सागर आदि ने कलमबंद हड़ताल का समर्थन किया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मी धीरज कुमार, राजीव कुमार, कुमार गौरव, स्वाती कुमारी, अरुण मालाकार, रामसेवक कुमार, कुंदन कुमार, अनिल पोद्दार, सलित कुमार झा, कारी सिंह, भानू चौधरी, समीर कुमार, मोहम्मद अजमल,अमित कुमार आदि की भागीदारी रही।

धरना एवं विरोध

बेगूसराय जिले के अंगीभूत महाविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि गणेश दत्त महाविद्यालय बेगूसराय में इकाई सचिव राहुल कुमार तथा जिला सचिव मनोज कुमार मिश्रा, एसके महिला महाविद्यालय बेगूसराय में इकाई सचिव गोपाल कुमार, संध्या, आरसीएस महाविद्यालय मंझौल में इकाई सचिव अमरजीत कुमार, अध्यक्ष दीपक, एपीए एम महाविद्यालय बरौनी में इकाई सचिव रविरंजन व अध्यक्ष प्रकाश झा के नेतृत्व में प्रधानाचार्य कक्ष के समक्ष धरना देते हुए विरोध दर्ज कराया गया। बताया कि यदि राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन मांगों पर विचार नहीं करता है तो आंदोलन के माध्यम से विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय को ठप किया जायेगा।

मुख्य मांगें

महासंघ की मुख्य मांग सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में विश्वविद्यालय परिनियम समिति द्वारा निर्धारित वेतनमान के आधार पर वेतन एवं पेंशन का भुगतान किया जाय। साथ ही वेतन सत्यापन कोषांग की मनमानी पर रोक लगे। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को धारित पद के अनुरूप वेतनमान दिया जाय। शिक्षकों की भांति शिक्षकेत्तर कर्मी की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 65 वर्ष की जाय। पारित विभिन्न न्यायादेशो के आलोक में प्रधान सहायक, लेखापाल को प्रशाखा पदाधिकारी का वेतनमान,सहायक पुस्तकाधयक्ष को यूजीसी वेतनमान का लाभ मिले। विश्वविद्यालय के कनीय अभियंता व बिजली मिस्त्री के लिए 01 जनवरी 1996 से अनुमान्य वेतनमान अधिसूचित किया जाय। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के सहायकों को 4200 ग्रेड पे के बदले दिनांक 01-01-2006 से राज्य कर्मियों की भांति 4600 ग्रेड पे दिया जाय। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयो के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को 01 जनवरी 2006 के प्रभाव से राज्य कर्मियों की भांति शिडूल 2 का लाभ दिया जाय। स्टाफिंग पैटर्न, दैनिक पारिश्रमिक, आउट सौर्सिग,अनुबंध एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रम विभागों में निश्चित मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवा स्वीकृत रिक्त पदों पर सामंजित करते हुए नियमित किया जाय। ओपीएस लागू हो। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयो के रिक्त पदों पर विधिवत नियुक्ति की जाय। रिपोर्टर:प्रवीण कुमार

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हड़ताल कब आयोजित की गई?
हड़ताल बुधवार व गुरुवार को आयोजित की गई।
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