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23 जुलाई, 2020|10:06|IST

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सरकार की किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ बिहार राज्य किसान सभा का प्रदर्शन

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कोरोना महामारी से निपटने में केन्द्र-राज्य सरकार की विफलता तथा जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान सभा से संबद्ध बिहार राज्य किसान सभा, सीआईटीयू और बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन के द्वारा संयुक्त रूप से राज्यव्यापी आह्वान पर स्थानीय पॉवर हाउस रोड एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रर्दशन-आंदोलन किया गया। इन प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि किसानों के सभी कर्ज माफ किया जाय। न्यूनतम सरकारी समर्थन मूल्य पर किसानों की फसल खरीदी जाय। सरकारी संपत्ति के लूट पर रोक लगाई जाए। रेलवे के निजीकरण का आदेश वापस लें सरकार। महामारी के बहाने श्रम कानून में छेड़छाड़ बंद हो। आवश्यक वस्तुओं, कृषि व्यापार से संबंधित अध्यादेश वापस ली जाय। आगामी छ: माह तक प्रत्येक व्यक्ति को 10 किलो अनाज प्रति माह दी जाय। सभी सरकारी जिला अस्पतालों में कोरोना की जांच और इलाज की व्यवस्था करे सरकार। सभी कोरोना वारियर्स को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा सामग्री तथा पोषाक मुहैया कराई जाए। राज्य में भयंकर बाढ़, बारिश, ओलावृष्टि, ठनका से तबाह हुए परिवारों को समुचित राहत-मुआवजा दिया जाय व अन्य मांग शामिल थी।

पावर हाउस रोड स्थित ब्रह्मदेव राय भवन में हुए कार्यक्रम में जिला किसान कौंसिल के सचिव दिनेश प्रसाद सिंह, मो. उस्मान, दयानिधि चौधरी, बिहार प्रांतीय खेतिहर मजदूर यूनियन के जिला उपाध्यक्ष सुरेश यादव, सीटू राज्य सचिव सुरेश प्रसाद सिंह, रत्नेश झा, बीएसएसआर यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष आरएस राय, जिला अध्यक्ष पीकेवर्मा, एसआर सिन्हा, अमरनाथ झा, विवेकानंद मिश्रा, राम विनय सिंह, मो. आफताब, चिंटू यादव, रणजीत यादव, महमूद आलम समेत दर्जनों प्रर्दशनकारी शामिल हुए। इसी तरह सूर्य नारायण रजक, सुरेश पासवान, जिला उपाध्यक्ष जयप्रकाश यादव, रमेश प्रसाद सिंह, जयगणेश चौरसिया, रामचन्द्र गुप्ता, रणजीत गुप्ता तथा अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रर्दशन-आंदोलन किया।

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  • Web Title:Bihar State Kisan Sabha protest against government 39 s anti-farmer-labor policies