
मटिहानी सीट पर महागठबंधन की ओर से सीपीआई ने ठोका दावा
पटना व बेगूसराय में कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से हमले की निंदा की
बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की बेगूसराय अंचल परिषद का 26वां सम्मेलन शनिवार की देर शाम इनियार में हुआ। इसमें 1 सितंबर को पटना चलो के नारे से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा। अंचल मंत्री चंद्रमोहन शाह अकेला की ओर से राजनीतिक एवं सांगठनिक प्रस्तुत प्रतिवेदन को बहस के बाद स्वीकृत किया गया। आगे के लिए 25 सदस्यीय अंचल परिषद का गठन किया गया। सर्वसम्मति से श्याम बहादुर सिंह को अंचल मंत्री और सुनील कुमार को सहायक अंचल मंत्री बनाया गया। कुसमहौत सहित अन्य जगहों पर भी भूमाफिया, शासन एवं प्रशासन गठजोड़ का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया गया।

साथ ही, मटिहानी विधानसभा को भाकपा का परंपरागत सीट बताते हुए महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते चुनाव लड़ने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता जगदीश सिंह ने झंडोतोलन से किया। जनसेवा दल के नायक रामनंदन सिंह के नेतृत्व में झंडे को सलामी दी गई। अध्यक्षता पवन सदा मुखिया, इंद्रदेव कुमार एवं चंद्रशेखर भगत ने संयुक्त रूप से की। पूर्व एमएलसी उषा सहनी ने कहा कि नीतीश एवं मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू है। वोट की चोरी पकड़े जाने, विपक्ष की एकजुटता एवं संघर्ष तथा चुनाव आयोग का न्यायालय में फजीहत से एनडीए सरकार घबरा गई है। पटना से लेकर बेगूसराय तक कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर हमला कर बीजेपी ने बता दिया कि वह जनतंत्र विरोधी है। राज्य परिषद सदस्य अनिल कुमार अंजान ने कहा कि बिहार जनतंत्र की जननी रही है। सवाल मात्र सत्ता परिवर्तन का नहीं, देश की जनतंत्र और संविधान का है।इसे बचाने की लड़ाई का श्रीगणेश बिहार से हो चुका है।

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