Begusarai News: आईसीडीएस की योजनाओं में बेगूसराय जिले को सूबे में पांचवां स्थान
Begusarai News: समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में समेकित बाल विकास सेवा एवं पोषण अभियान के अंतर्गत योजनाओं की हुई समीक्षा बैठक

Begusarai News: बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। आईसीडीएस अंतर्गत जून 2026 के राज्य स्तरीय डैशबोर्ड के अनुसार बेगूसराय जिले ने पूरे बिहार में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। वहीं बच्चों के लिए अपार आईडी निर्माण में 17.81 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिला पूरे राज्य में तीसरे स्थान पर रहा। समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में सोमवार को समेकित बाल विकास सेवा एवं पोषण अभियान के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक में डीएम ने ये जानकारी दी।
बैठक की समीक्षा
बैठक में जिले की सभी 18 बाल विकास परियोजनाओं के कार्यों, पोषण संबंधी सूचकांकों, डिजिटल सेवाओं तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभिन्न परियोजनाओं में पाई गई कमियों के कारण संबंधित सेविकाओं एवं सहायिकाओं को चेतावनी पत्र जारी किए गए हैं।आवश्यकतानुसार मानदेय कटौती एवं चयनमुक्ति की कार्रवाई भी प्रारंभ की गई है।
बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग
इस क्रम में बताया गया कि जिले में बच्चों की ग्रोथ मॉनिटरिंग का कार्य 99.02 प्रतिशत दक्षता के साथ किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप कुपोषण की स्थिति में लगातार सुधार देखने को मिला है। मई 2026 में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की संख्या 4,208 (1.68 प्रतिशत) थी। यह जून 2026 में घटकर 3,756 (1.50 प्रतिशत) रह गई। इसी प्रकार मध्यम कुपोषित बच्चों की संख्या 9,323 (3.73 प्रतिशत) से घटकर 8,798 (3.50 प्रतिशत) हो गई। चिह्नित बच्चों को नियमित रूप से पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जा रहा है। इसके अंतर्गत बेगूसराय ग्रामीण, साहेबपुरकमाल, बरौनी एवं बखरी सहित विभिन्न परियोजनाओं से बच्चों का उपचार कराया गया है। बैठक में विभिन्न प्रदर्शन सूचकांकों जैसे होम विजिट, ग्रोथ मॉनिटरिंग, आभा आईडी, फेसियल रिकग्निशन सिस्टम तथा अन्य मानकों के आधार पर परियोजनाओं एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं की रैंकिंग की भी समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई माह तक कुल लक्ष्य के विरुद्ध 46.27 प्रतिशत आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। नावकोठी परियोजना 81.19 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सबसे आगे है जबकि बछवाड़ा परियोजना का प्रदर्शन सबसे कम पाया गया। डीएम ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। वहीं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना में जिले ने 100.57 प्रतिशत आवेदन अपलोड कर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की है। खोदावंदपुर तथा बीरपुर परियोजनाओं का प्रदर्शन इस योजना में सर्वश्रेष्ठ रहा। बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में कुल 3,360 स्वीकृत एवं क्रियाशील आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। अधिकांश केंद्रों पर पेयजल की सुविधा उपलब्ध है तथा किराये के भवनों में संचालित केंद्रों पर शौचालय निर्माण से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
डिजिटल उपस्थिति प्रणाली
डिजिटल उपस्थिति प्रणाली फेसियल रिकग्निशन सिस्टम के अंतर्गत 13 जुलाई तक जिले में 89.44 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी रश्मि कुमारी सहित सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अब तक 1,638 आवेदन प्राप्त कई मामलों में उपभोक्ताओं से अनावश्यक दस्तावेजों की मांग की जा रही
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अब तक 1,638 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 441 सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। योजना के तहत 695 उपभोक्ताओं ने बैंक ऋण के लिए आवेदन किया। इनमें से 302 आवेदनों में पूर्ण अथवा आंशिक ऋण राशि का वितरण किया गया है। डीएम श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में सोमवारको बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। विशेष रूप से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई मामलों में उपभोक्ताओं से अनावश्यक दस्तावेजों की मांग की जा रही है। बिना स्पष्ट कारण बताए आवेदन अस्वीकृत किए जा रहे हैं।
ऋण आवेदनों की स्थिति
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 3 किलोवाट तक के सोलर संयंत्र में दो लाख रुपये तक के ऋण के लिए केवल निर्धारित आवश्यक दस्तावेज ही स्वीकार किए जाएं। पैन कार्ड, कई माह के बिजली बिल, भूमि की रजिस्ट्री, बैंक स्टेटमेंट, सिबिल रिपोर्ट अथवा आयकर रिटर्न जैसे अतिरिक्त दस्तावेजों की अनिवार्य मांग नहीं की जाए। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत उपलब्ध केंद्रीय सब्सिडी की भी जानकारी दी गई। इसके अनुसार 1 किलोवाट क्षमता पर ₹30 हजार, 2 किलोवाट पर ₹60 हजार तथा 3 किलोवाट अथवा उससे अधिक क्षमता के सोलर संयंत्र पर ₹78 हजार रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है।
उपभोक्ताओं से साक्षात्कार
डीएम ने अधिकाधिक पात्र उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने तथा सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों को समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया। डीएम ने लंबित ऋण आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने, अनावश्यक विलंब समाप्त करने तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जनहित में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक में विद्युत कंपनी बेगूसराय व बरौनी के कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों ने हिस्सा लिया। रिपोर्टर:प्रवीण कुमार


