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बलिया नगर परिषद क्षेत्र में साफ-सफाई में हो रही लापरवाही पर उठने लगे सवाल

बलिया नगर परिषद क्षेत्र में साफ-सफाई में हो रही लापरवाही पर उठने लगे सवाल

संक्षेप:

बलिया में नगर परिषद क्षेत्र में साफ-सफाई पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद नगरवासियों को लाभ नहीं मिल रहा है। कई वार्डों में कचरे का अंबार लगा है और महापर्व छठ के बाद भी सफाई नहीं हुई है। स्थानीय लोग परेशान हैं और बीमारी का डर बढ़ रहा है।

Fri, 31 Oct 2025 07:11 PMNewswrap हिन्दुस्तान, बेगुसराय
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बलिया, एक संवाददाता। नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई के नाम पर प्रत्येक माह लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद नगरवासियों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण कई ऐसे वार्ड एवं मोहल्ले हैं जहां कचरे का अंबार पड़ा हुआ है। महापर्व छठ बीते तीन दिन हो जाने के बावजूद नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 7 स्थित कांग्रेस भवन के पीछे वाली गली के रास्ते में सड़े हुए फल एवं कचरे का अंबार लगा है। सड़े हुए फल से दुर्गंध भी आने लगी है जिससे मोहल्ले के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है।

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मोहल्ले वासी बताते हैं कि नगर परिषद के द्वारा साफ सफाई पर लाखों खर्च किये जाते हैं। इसके बावजूद संवेदक द्वारा गली मोहल्ले में नियमित साफ-सफाई नहीं किये जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। लोगों ने बताया कि कांग्रेस भवन के पीछे की गली में जमा कचरे में कीड़े फैल गये हैं जिससे कई तरह की बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। वहीं, इस रास्ते से आने-जाने वाले मोहल्लेवासी अपने मुंह पर रूमाल या कपड़े से ढककर आने-जाने को विवश हैं। बताया जाता है कि नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 5 से लेकर 28 तक 24 वार्डों में साफ-सफाई पर प्रत्येक माह करीब 28 से 30 लाख रुपये खर्च किये जाते हैं। बावजूद कचरे का अंबार लगा रहना नगर परिषद के प्रशासक एवं जनप्रतिनिधियों की लापरवाही को दर्शाता है। इसका खामियाजा नगर वासियों को भुगतना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पंचायत से नगर परिषद में तब्दील होने के बाद भी आज तक संवेदक के द्वारा इस गली में साफ सफाई के नाम पर झाड़ू भी नहीं लगाया जाता है। ब्लीचिंग पाउडर एवं फार्मिंग तो दूर की बात है। नगर परिषद में साफ सफाई कर रहे संवेदक को साफ-सफाई को लेकर कई बार स्थानीय लोगों के द्वारा फोन भी किया जाता है लेकिन संवेदक फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझते।