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आशा कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोक किया प्रदर्शन

हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं। सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना होगा-देना होगा आदि नारों से गुरुवार की सुबह बेगूसराय, लखमिनियां व साहेबपुरकमाल स्टेशन गूंज उठा। आशा कार्यकर्ताओ में सरकार के प्रति आक्रोश इस कदर उभरा कि सैकड़ों की संख्या में आशा कार्यकर्ता रेल पटरी पर आ गए। बेगूसराय स्टेशन से डाउन में गुजर रही राजेन्द्रनगर-सहरसा इंटरसिटी एक्सप्रेस को कार्यकर्ताओं ने बीच प्लेटफार्म पर ही रोक दिया। कार्यकर्ता आक्रोशपूर्ण नारेबाजी करते हुए ट्रेन के इंजन पर सवार हो गए। जबकि सैकड़ों की संख्या में आशा रेल ट्रैक पर खड़े हो प्रदर्शन करते रहे। आशाओं की एकता ऐसी रही कि पुलिस के दबाव के बावजूद एक भी आशा रेल ट्रैक से नहीं हटी। इस दौरान प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं को भड़का रहे यात्रियों से पुलिस की झड़प भी हो गई। हालांकि पुलिस मौके की नजाकत देखते हुए यात्रियों को शांत कराया। ट्रेन के आगे प्रदर्शन कर रही आशा को पुलिस मनाने में लगे रहे। करीब एक घंटे बाद आशा कार्यकर्ता ट्रेन के आगे से हटने को राजी हुए। इसी बीच आशा के आंदोलन को समर्थन देने कांग्रेस महिला मोर्चा के कार्यकर्ता बैनर व झंडा लिए पहुंच गए। आशा कार्यकर्ता पुन: ट्रेन के इंजन पर सवार हो प्रदर्शन करने लगे। पुलिस कांग्रेस महिला मोर्चा के कार्यकताओं को भी समझाकर हटाने में लगी रही। मात्र दस मिनट में ही कार्यकर्ता मान गए और रेल परिचालन शुरु हो गया। आशा कार्यकताओं में जिला आशा संघर्ष समिति के अध्यख्ज्ञ गीता कुमारी, लालमणि देवी, पुष्पा कुमारी, लता कुमारी, रीना कुमारी, ललीता देवी, माला देवी, मंजू देवी, सुधा देवी इंदू देवी, प्रेमलता कुमारी आदि सैकड़ो कार्यकर्ता थी।

रेल चक्का जाम से खड़ी रही कई प्रमुख ट्रेनें

आशा कार्यकर्ताओ के आंदोलन को लेकर बेगूसराय स्टेशन सहित विभिन्न स्टेशनों पर कई प्रमुख ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं। तिलरथ स्टेशन पर राजधानी एक्सप्रेस खड़ी रही वहीं बरौनी में जनहित एक्सप्रेस सिमरिया में महानंदा एक्सप्रेस, लखमिनियां में राज्यरानी एक्सप्रेस, साहेबपुरकमाल में इंटरसिटी एक्सप्रेस के अलावा पैसेंजर व कई मालवाहक ट्रेन खड़ी रही। बेगूसराय स्टेशन के एक नम्बर प्लेटफार्म से डाउन की कई ट्रेनों को चलाया गया। इससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।

पटना के लिए सुबह में नहीं चली एक भी ट्रेन

रेल रोको आंदोलन को लेकर घंटों लेट हुई राज्यरानी एक्सप्रेस को बरौनी तक ही चलाया गया। इस ट्रेन को पटना के बदले बरौनी से ही वापस कर दिया गया। जबकि कोशी एक्सप्रेस भी सुबह के बदले शाम में चलायी गयी। वहीं कटिहार इंटरसिटी पहले से ही पटना तक नहीं चलाई जा रही है। इससे पटना जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

नहीं की गई मजिस्ट्रेट की तैनाती

पूर्व निर्धारित रेल रोको आंदोलन की सूचना के बावजूद रेलवे स्टेशन पर मजिस्ट्रेट की तैनाती नहीं की गई थी। इससे आंदोलन कर रहे आशा कार्यकर्ताओं को समझाने में पुलिस को काफी परेशानी हुई। रेल थानाध्यक्ष ने बताया कि मजिस्ट्रेट की तैनाती तो नहीं ही की गई, बल को भी नहीं भेजा गया। हालांकि बाद में नगर थाने से एक पुलिस पदाधिकारी पुहंचे थे। न.सं.

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  • Web Title:Asha workers stop train