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बेगुसराय

36 घंटे बाद रेलवे ट्रैक किनारे गड्ढे में मिला एमबीए के छात्र का शव

हिन्दुस्तान टीम,बेगुसरायPublished By: Newswrap
Mon, 27 Sep 2021 07:30 PM
36 घंटे बाद रेलवे ट्रैक किनारे गड्ढे में मिला एमबीए के छात्र का शव

बेगूसराय। निज प्रतिनिधि

नगर थाना क्षेत्र के ट्रैफिक चौक के समीप रेलवे ट्रैक किनारे गड्ढे में सोमवार की सुबह एमबीए के फाइनल ईयर का छात्र 27 वर्षीय नीतीश की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। वह लोहियानगर निवासी जय जय राम पोद्दार का पुत्र था। वह 25 सितंबर की रात आठ बजे घर में पत्नी से सब्जी लेने की बात कहकर निकला था। इसके तीसरे दिन उसकी लाश मिली। मृतक के पिता ने नीतीश के साथ मारपीट करने के बाद चेहरा पर तेजाब डालकर हत्या कर पानी से भरे गड्ढे में फेंकने का आरोप लगाया है। लाश मिलने की सूचना पर पहुंची नगर थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।

मृतक के पिता ने बताया कि सड़क किनारे दो दिनों से लगातर सब्जी बिक्रेता से पूछ रहे थे कि मेरा बेटा सब्जी लेने आया था लेकिन वह घर नहीं लौटा है। सोमवार की सबह भी वह अपनी पत्नी के साथ पुत्र को खोजने निकले थे। लोहियानगर गुमटी के समीप जैसे ही आए कि दो बच्चों ने पास के गड्ढे में लाश होने की सूचना दी। वह गड्ढे के समीप आया व देखा तो कपड़े से ही पहचान गया कि यह उसके पुत्र की ही लाश है।

पुलिस ने नहीं दिखाई तत्परता

उसके पिता ने बताया कि वह जयपुर में एमबीए के फाइनल ईयर की परीक्षा देने के बाद बेगूसराय आ गया था। 26 सितंबर को लोहियानगर ओपी में नीतीश के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, पुलिस ने गुमशुदगी मामले के आवेदन में तत्परता नहीं दिखायी। कहा गया कि आप भी खोजिए हम भी खोजते हैं। जैसे ही मिलेगा आपको सूचना दे दी जाएगी। उसके पिता ने बताया कि नीतीश परिवार का इकलौता चिराग था। तीन बहनों में वह अकेला भाई था।

पारा मेडिकल की परीक्षा समापन के बाद से था गायब

रोते-बिलखते परिजनों ने बताया कि उसके पिता प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं और मां चेरियाबरियापुर पीएचसी में नर्स हैं। उसकी शादी एक साल पहले ही हुई थी। घर का इकलौता चिराग होने की वजह से उसके पालन-पोषण से लेकर शिक्षा में कोई कमी नहीं रहने दी गयी थी। परिवार, रिश्तेदार से लेकर दोस्तों में भी वह मिलनसार युवक के रूप में उसकी पहचान थी। 25 सितंबर को अपनी पत्नी को पारा मेडिकल की परीक्षा दिलाकर हंसी खुशी वह अपने घर आया था। उसके बाद वह रात करीब आठ बजे सब्जी खरीदने की बात पत्नी से कहकर घर से निकला था लेकिन लौटकर नहीं आने पर उनकी खोजबीन शुरू हुई। अगले दिन तक नहीं लौटने पर अनहोनी की अशांका को देखते हुए 26 सितंबर को लोहियानगर ओपी में उसके पिता ने पुत्र के गायब होने की प्राथमिकी दर्ज करायी थी।

मृतक के पिता बदलते रहे बयान

मृतक के पिता ने मीडिया को पहले बताया कि उनके पुत्र के साथ मारपीट कर हत्या कर बदमाशों ने उसका शव पानी में फेंक दिया। लेकिन, नगर थाने की पुलिस को दिये फर्द बयान में उन्होंने डूबने से मौत की बात कही है। पिता का बयान अलग-अलग होने से मामला अब पेंचिदा होने लगा है।

नगर थानाध्यक्ष अभय शंकर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उसके पिता ने डूबने से मौत होने का यूडी केस दर्ज कराया है। लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि नीतीश की हत्या हुई है या पानी में डूबने से मौत।

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