BPSC से नीट तक सेटिंग का शातिर BARC कर्मी नालंदा का रौशन, लड़की को पास कराने में फंस गया
मुंबई के भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से गिरफ्तार तकनीकी सहायक रौशन कुमार ने एईडीओ समेत आधा दर्जन परीक्षाओं में धांधली कराई।

BPSC/NEET Setter Arrested: बीपीएससी की एईडीओ (सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी) परीक्षा पेपर लीक मामले में मुंबई के भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से गिरफ्तार तकनीकी सहायक रौशन कुमार ने एईडीओ समेत आधा दर्जन परीक्षाओं में धांधली कराई। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की पूछताछ में नालंदा के नूरसराय निवासी रौशन ने स्वीकार किया है कि उसने नीट-यूजी 2023, केंद्रीय चयन पर्षद की ओर से आयोजित रेडियो ऑपरेटर परीक्षा, मद्य निषेध परीक्षा, बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर से आयोजित अमीन बहाली परीक्षा और झारखंड की सीजीएल परीक्षा में भी गड़बड़ी कराई।
ईओयू की ओर से बताया गया है कि रौशन कुमार स्वयं भी एईडीओ का परीक्षार्थी था और उसका परीक्षा केंद्र मोतिहारी में था। अपने परीक्षा केंद्र के लिए उसने बायोमेट्रिक स्टाफ के जरिए सेटिंग की थी। वह नालंदा के अलावा अपने गिरोह के साथ भागलपुर भी गया था जहां ब्लूटूथ के माध्यम से परीक्षा केंद्र के अंदर अभ्यर्थियों को उत्तर लिखवाने का प्रयास किया गया था।
सेटिंग की राशि नहीं देने पर अपहरण का षड्यंत्र
रोशन के सहयोगी आकाश ने भी एईडीओ परीक्षा में चार से अधिक परीक्षार्थियों की सेटिंग की थी। अमीन बहाली परीक्षा के दौरान भी दोनों अभियुक्तों ने दो परीक्षार्थियों की सेटिंग कराकर परीक्षा पास कराई थी। इसको लेकर 3.5-3.5 लाख रुपये का बकाया था। यह बकाया वसूलने के लिए रौशन और आकाश ने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर दोनों परीक्षार्थियों के अपहरण का षड्यंत्र भी रचा था।
सहयोगी आकाश भी गिरफ्तार
ईओयू ने इस मामले में रौशन के सहयोगी आकाश कुमार (25 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया है। वह नालंदा के सोहसराय का निवासी है। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
रोशन ने स्कॉलर बैठा एक अभ्यर्थी को नीट भी पास कराया
मुंबई के भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से गिरफ्तार तकनीकी सहायक रोशन कुमार ने अपने सहयोगी आकाश के साथ मिलकर 2023 की नीट यूजी में स्कॉलर बिठाकर फर्जी तरीके से एक परीक्षार्थी को पास कराया था। उस परीक्षार्थी की पहचान की जा रही है। ईओयू की पूछताछ में ये तमाम खुलासे हुए हैं। कई ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में सेंटिंग के प्रमाण जांच टीम को मिले हैं।
25 लाख में एक लड़की को पास कराने का सौदा
ईओयू के अनुसार रोशन ने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर एईडीओ परीक्षा की अभ्यर्थी श्वेता कुमारी को पास कराने के लिए 25 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इसके लिए फर्जी बायोमेट्रिक आईडी तैयार कर गिरोह के सदस्य चंदन और राहुल की नालंदा के परीक्षा केंद्र में एंट्री कराई गई। इन दोनों के जरिए ही होलोग्राम पर्ची के बीच में छिपाकर सेट की गई आंसर-की कमरा संख्या 25 में बैठी श्वेता कुमारी को उपलब्ध कराई गई थी। वह लगभग चार से पांच वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग के जरिए पास कराने का काम रहा था। उसके तार कई राज्यों तक फैले मिले हैं। रोशन की दिसंबर, 2024 में भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर में नियुक्ति हुई थी। वर्तमान में वह प्रशिक्षण ले रहा था।


