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मूसलाधार बारिश से जगह-जगह फैला पानी

मूसलाधार बारिश से जगह-जगह फैला पानी

रविवार को दिन भर मूसलाधार बारिश हुई। इससे एक ओर जहां किसानों के चेहरे खिल उठे है। वहीं दूसरी ओर नदियों में जलस्तर भी बढ़ा है। मूसलाधार बारिश ने लोगों को घर से निकलने नहीं दी। स्थिति यह रही कि शहर की सड़कों पर पानी ही पानी रही। लोग अगर निकले भी तो उन्हें पानी व गंदगी का सामना करना पड़ा। इधर, बारिश ने नगर परिषद की स्वच्छता पर सवालिया निशान भी खड़ा कर दिया है।

दरअसल, पानी होने की वजह से शहर के अधिकांश नाले जलमग्न हो गया और गंदगी सड़कों पर बहने लगी। जिससे आमलोगों को दो-चार होना पड़ा। हालांकि, मुसलाधार बारिश से किसानों को काफी फायदा हुआ है। किसान रोपनी में जुट गये है। कृषि विभाग के अनुसार, दो-चार दिनों में जिले भर की रोपनी पूरी हो जायेगी। गंदगी से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप : मुसलाधार बारिश से नाले लबालब हो चुके है। इससे नाले का गंदा पानी घरों में व मोहल्ले में प्रवेश होने लगा है। जिससे मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में अगर नगर प्रशासन थोड़ी बहुत भी शिथिलता दिखाई तो आमलोग बीमारी की चपेट में होंगे। धोरैया। प्रखंड मुख्यालय स्थित मध्य विद्यालय धोरैया मुख्य गेट के सामने पानी निकास की सुविधा नहीं रहने के कारण जहां हल्की बारिश में भी जल जमाव हो जाता है। वहीं लगातार तीन दिनों से हो रहे बारिश की वजह से विद्यालय गेट के सामने तलाब सा दिखाई पड़ रहा है। जिससे विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिये आने वाले छात्र छात्राओं को काफी परेशानियों क़ा सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में छात्र छात्राओं को गेट के सामने जमे पानी में घुसकर विद्यालय आना जाना पड़ रहा है। वहीं गेट के सामने काफी मात्रा में जल जमाव रहने के बाद भी ना विद्यालय प्रशासन ही इस तरफ कोई ध्यान दे रहे हैं ना कोई जनप्रतिनिधि। बहरहाल छात्र छात्राओं को प्रत्येक दिन इसी होकर विद्यालय आना जाना कर रहे हंै। जिससे आये दिन बच्चों के इस जमे पानी में गिरने क़ा भी भय बना रहता है। मालूम हो की इस विद्यालय में कुल चार विद्यालय संचालित है, वही चारों विद्यालय में पठने वाली छात्र छात्राओं की संख्या लगभग 700 के करीब है।

जिसमें मध्य विद्यालय धोरैया में करीब 500 बच्चे, यूपीएस बारकोप डेरू में 100 बच्चे, कन्या प्राथमिक विद्यालय के 60 बच्चे एवं एनपीएस यादव टोला घसिया के 40 बच्चे शामिल है। शिक्षकों ने बताया कि धोरैया बाजार में निर्मित पीसीसी सड़क के दोनों तरफ नाला का निर्माण नहीं होने और स्थानीय दुकानदारो के द्वारा दोनों ही तरफ मिट्टी डालकर ऊंचा कर दिए जाने से स्कूल के सामने पानी जमा हो जाता है। जबकि पहले स्कूल केंपस में भी जल जमाव होता था।

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  • Web Title:Torrential rain