Hindi NewsBihar NewsBanka NewsSuccessful Agricultural Entrepreneurship Training Program for Dalit and Tribal Women in Bihar
बटेर, मुर्गी व बकरी पालन से आत्मनिर्भर बन सकती हैं दलित-आदिवासी महिलाएं : माथुर

बटेर, मुर्गी व बकरी पालन से आत्मनिर्भर बन सकती हैं दलित-आदिवासी महिलाएं : माथुर

संक्षेप:

चान्दन ( बांका )। निज प्रतिनिधि चान्दन ( बांका )। निज प्रतिनिधि आनंदपुर थाना क्षेत्र के कुसुमजोरी पंचायत के ज्ञान भवन करवामारन परिसर में रविवार को

Jan 26, 2026 11:24 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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चान्दन ( बांका )। निज प्रतिनिधि आनंदपुर थाना क्षेत्र के कुसुमजोरी पंचायत के ज्ञान भवन करवामारन परिसर में रविवार को संस्था प्रमुख महेंद्र कुमार रौशन के नेतृत्व में आर-सेटी द्वारा आयोजित 13 दिवसीय कृषि उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। यह प्रशिक्षण 20 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलाया जा रहा है। प्रशिक्षण के छठे दिन मुख्य प्रशिक्षक संजीव कुमार माथुर ने कहा कि दलित-आदिवासी महिलाएं यदि एक साथ बटेर, मुर्गी एवं बकरी पालन का कार्य करें तो कम लागत में अच्छी आमदनी अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के पास भी भूमि उपलब्ध है, जिससे वे किसान की श्रेणी में आते हैं।

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ऐसे किसान एवं युवा कृषि उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर संभावनाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि स्वस्थ जीवन की दिशा में भी यह एक सार्थक कदम है। माथुर ने जैविक एवं व्यवसायिक खेती की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कम खर्च, कम समय और थोड़ी सी जमीन में बटेर, बतख, मुर्गी पालन एवं अंडा उत्पादन कर अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सरकार द्वारा दी जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। बताया कि कृषि आधारित उद्योगों के लिए 50 से 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जो दो करोड़ रुपये तक हो सकती है। फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज एवं पैकेजिंग इकाइयों के लिए भी अनुदान उपलब्ध है। ट्रैक्टर, थ्रेसर एवं हार्वेस्टर जैसे कृषि उपकरणों पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा एग्रीश्योर योजना और एसेलिरेटर फंड के तहत स्टार्टअप्स को विशेष सहयोग प्रदान किया जाता है। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत जैविक खेती के लिए ₹50,000 तक की सहायता भी दी जाती है। प्रशिक्षण में बिहार दलित विकास समिति एवं दलित मुक्ति मिशन द्वारा गठित दलित महिला विकास बहुउद्देश्यीय स्वावलंबी सहकारी समिति की कुल 35 सदस्य भाग ले रही हैं। साथ ही उनके परिवार के कुछ युवक भी प्रशिक्षण प्राप्त कर कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रयासरत हैं। इस अवसर पर महिला उत्प्रेरक सुनीता देवी ने बताया कि लेमनग्रास की खेती, केंचुआ खाद, जीवामृत एवं वर्मी कम्पोस्ट जैसे कार्यों से महिलाएं स्वावलंबी बन सकती हैं। वहीं बीते दिन नाबार्ड बांका के डीडीएम अभिषेक कुमार ने प्रशिक्षण केंद्र पहुंचकर महिलाओं से संवाद किया तथा उन्हें सफल उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।