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9 मार्च, 2021|5:05|IST

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मजदूर विरोधी नीति के खिलाफ हड़ताल

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भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ का एक दिवसीय सांकेतिक हड़तालसंघ अपनी मांगों को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाये, कारोबार प्रभावित

बांका। हिन्दुस्तान प्रतिनिधि

मजदूर विरोधी नीति व निजीकरण के खिलाफ अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ का एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल बुधवार को रहा। डाककर्मी अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए प्रधान डाकघर के गेट पर धरना देते हो हड़ताल पर रहे। वहीं कार्यालय के सभी कामकाज को भी बाधित रखा। जिससे डाक घर का करीब एक करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। इस दौरान कर्मियों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार पेंशन को बंद करके उनपर वज्रपात किया है। एक ओर जहां एक दफा सांसद व विधायक बनने पर पूरे जीवन पेंशन की योजना है। वहीं दूसरी ओर मजदूरों के आहार को उससे छिना जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में सरकार एनआरसी व सीएए लाकर आमलोगों को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है। मुख्य मुद्दों से भटकाया जा रहा है, लेकिन डाक कर्मचारी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। जबतक उनकी जायजा मांगें पूरी नहीं की जाती हैं। वे सभी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे। ग्रामीण डाक सेवक संघ अपनी मांगों को लेकर जमकर सरकार विरोधी नारे लगाये। कहा कि सरकारी डिपार्टमेंट को निजीकरण कर उद्योगपतियों को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। इससे कॉरपोरेट घराना मजबूत व मजदूर कर्मचारी अंदर ही अंदर कमजोर होते जा रहे हैं। ऐसे में सरकार जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस निर्णय लेते हुए मजदूर विरोधी नीति व निजीकरण प्रक्रिया को समाप्त करें, ताकि मजदूर कर्मचारियों को उनका वाजिब हक मिल सके। हड़ताल दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। हड़ताल को संबोधित करते हुए प्रांतीय संगठन सचिव सह बांका शाखा सचिव अमरनाथ कुमार ने कहा कि डाक कर्मचारी से आठ घंटा ड्यूटी लिया जाय। जिसे सातवें वेतनमान में अनुशंसित के लिए भेजा गया है। हड़ताल को सफल बनाने में अध्यक्ष निवास सिंह, बिदुशेखर दास, छंगुरी मंडल, अरुण रजक, छविनाथ मंडल, सुनील झा, आनंदी राय, रामप्रसाद राय, सुबोध पंडित, प्रेमशंकर खिरहा, वशिष्ट कुमार, सुमित कुमार, वैद्यनाथ टुडु, रशिकलाल मुर्मू, किशोर कुमार, सनदीप कुमार, परमानंद साह, ज्योतिष कुमार, निलु कुमार, राकेश कुमार, अभिमन्यु कुमार समेत अन्य जुटे थे। इधर, हड़ताल को पोस्टमास्टर घनश्याम साह ने समर्थन करते हुए सरकार की इस नीति का विरोध किया। कामकाज रहा बाधित, लोग बैरंग लौट डाक कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज पूरी तरह बाधित रहा। आमलोग अपने कामकाज को लेकर ऑफिस पहुंचे, लेकिन उन्हें बगैर काम कराये ही बैरंग लौटना पड़ा। स्थिति यह हुई कि लोग न ही स्पीड पोस्ट कर सके और न ही राशि की जमा-निकासी। आमलोगों ने कहा कि कर्मी की हड़ताल से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। मांग हैं शामिल : - जीडीएस कर्मी को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दें। - समयबद्ध पदोन्नति दें और तीन समयबद्ध पदोन्नति मिले।- समूह बीमा की राशि पांच लाख रुपए बढ़ाया जाय। - 180 दिनों तक की छुट्टियां जमा करने की अनुमति मिले। - सिंगल हैंड बीपीएम को संयुक्त ड्यूटी भत्ता दिया जाय। - जीडीएस कर्मचारियों को स्वस्थ्य सुविधाएं दी जाय। - स्थानांतरण नियमों में बदलाव किया जाय। - इन्सेन्टिव योजना को समाप्त किया जाय।

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  • Web Title: Strike against anti-labor policy