Hindi NewsBihar NewsBanka NewsRevival of Government Bus Service from Jamui to Banka After 40 Years
40 साल बाद शुरू हुआ सरकारी बस सेवा लोगों में खुशी

40 साल बाद शुरू हुआ सरकारी बस सेवा लोगों में खुशी

संक्षेप:

1990 के पहले जमुई से भागलपुर चलती थी सरकारी बस।1990 के पहले जमुई से भागलपुर चलती थी सरकारी बस। - देवघर सुल्तानगंज मार्ग पर 25 साल से बंद है। - ताराप

Dec 05, 2025 01:37 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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1990 के पहले जमुई से भागलपुर चलती थी सरकारी बस। - देवघर सुल्तानगंज मार्ग पर 25 साल से बंद है। - तारापुर, संग्रामपुर बस स्टैंड और साहबगंज का टिकट काउंटर बंद है। बेलहर(बांका)/ निज प्रतिनिधि इन दिनों बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से 40 वर्षों बाद जमुई से बांका सरकारी बस सेवा शुरू की गई है। जिससे यात्रियों के बीच खुशी और उत्साह का माहौल है। एक समय था जब जमुई नवादा से बांका भागलपुर और भागलपुर सुल्तानगंज से देवघर, बोकारो, धनवाद और रांची के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसें चलती थीं। मधुवनी और सहरसा के लिए भी सरकारी बस सेवा थी।

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तब सरकारी बसों की तूती बोलती थी। लोग सरकारी बस स्टैंड और टिकट काउंटर पर बड़े चाव से टिकट कटाते थे और लंबी लंबी दूरी का आराम दायक सफर करते थे। सरकारी बसों में रास्ते में मजिस्ट्रेट चेकिंग भी होती थी। बेटिकट यात्री पकड़े जाते थे और उन्हें फाइन होती थी। यात्री बिना टिकट के बस पर छेड़ने से डरते थे। हालाकि बस के अंदर कंडक्टर के पास भी टिकट होता था जो इमरजेंसी में या रास्ते में चढ़ने वाले यात्रियों को देते थे। कालांतर में सब कुछ बंद हो गया। 1990 के बाद जब प्रायवेट लक्जरी बसों का जमाना आया तो सरकारी बसों के यात्री काम हुए। हालाकि फिर भी बहुत दिनों तक बसें चलती रही। लेकिन सरकारी उपेक्षा के कारण जब से पुरानी और कंडम बसों का परिचालन शुरू कर दिया गया तो खस्ता हाल बसें रोड से उतरती गई और अंत में बंद हो गई। ऐसे में इतने दिनों बाद पुनः बस सेवा शुरू होने से यात्रियों में खुशी है। स्थानीय लोग संजय यादव, सुबोध साह, राजेश सिंह, बिपिन सिंह, बुद्धू मिया, परमानंद केसरी, चांदसी पंडित, नवल किशोर भगत, अशोक केसरी, दयानंद गुप्ता, बजरंगी साह, कन्हैया केसरी, मोहित गुप्ता आदि ने बताया की सरकारी बस सेवा एक अच्छी सेवा है। सरकारी बसों में बस वालों की मनमानी और समय की गैर पाबंदी का सामना यात्रियों को नहीं करना पड़ता है। प्रायवेट बस की अपेक्षा सरकारी बस के किराए भी कम हैं। ये बसें समय पर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाती है। सरकारी बस के चालक सुमन कुमार सिन्हा और कंडक्टर तरुण कुमार सिंह ने बताया की इस बस में डेढ़ रुपए प्रति किलोमीटर किराया है जबकि प्रायवेट बसों में करीब दो रुपए प्रति किलोमीटर किराया है। उन्होंने कहा की अभी एक बस चलाई जा रही है। अच्छा रिस्पोंस मिलने पर बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है और भागलपुर, गोड्डा और दुमका के लिए भी सेवा शुरू हो सकती है।