Hindi NewsBihar NewsBanka NewsResidents Protest Delayed Bridge Construction Over Lohagarh River in Pakariya Village
पकरिया गांव में लोहागढ़ नदी पर बन रहा पुल वर्षों से अधर में, विभागीय उदासीनता से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी

पकरिया गांव में लोहागढ़ नदी पर बन रहा पुल वर्षों से अधर में, विभागीय उदासीनता से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी

संक्षेप:

बोले बांकाबोले बांका प्रस्तुति- प्रदीप कुमार सिंह शंभूगंज (बांका) | एक संवाददाता प्रखंड क्षेत्र के पकरिया पंचायत अंतर्गत पकरिया गांव में लो

Jan 14, 2026 01:35 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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शंभूगंज (बांका), एक संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के पकरिया पंचायत अंतर्गत पकरिया गांव में लोहागढ़ नदी पर ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल पिछले कई वर्षों से अधर में लटका हुआ है। विभागीय उदासीनता और संवेदक की लापरवाही के कारण आज तक यह पुल पूरा नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीणों की परेशानियां दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। पुल अधूरा रहने से न सिर्फ आवागमन बाधित है, बल्कि ग्रामीणों को हर समय किसी बड़ी अनहोनी की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि लोहागढ़ डांड पर करीब 30 फीट लंबा यह पुल लगभग दो वर्ष पूर्व शुरू किया गया था।

प्रारंभ में काम की गति देखकर ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही उन्हें आवागमन की सुविधा मिल जाएगी, लेकिन कुछ ही महीनों बाद निर्माण कार्य अचानक ठप पड़ गया। स्थिति यह है कि नदी में केवल तीन पिलर ढालकर संवेदक द्वारा काम छोड़ दिया गया है, जबकि पुल का ऊपरी ढांचा और पहुंच पथ आज भी अधूरा है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले वर्ष बरसात के दौरान लोहागढ़ नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। इसी दौरान नदी किनारे स्थित एक किसान का मिट्टी का घर देर रात तेज धार में बहकर ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में घर के भीतर सो रहे भूदेव सिंह की मिट्टी में दबकर मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि पुल समय पर बन गया होता तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि लोहागढ़ नदी काफी गहरी है और सालोंभर इसमें पानी रहता है। पुल नहीं होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। खासकर स्कूली बच्चों की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। नदी के उस पार से पकरिया गांव में स्थित मध्य विद्यालय पकरिया में पढ़ने आने वाले बच्चे रोजाना इसी नदी को पार करते हैं। बरसात के मौसम में नदी उफान पर होती है, ऐसे में कई बच्चे स्कूल जाना बंद कर देते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण हो जाने से सिर्फ पकरिया पंचायत ही नहीं, बल्कि वैदपुर, गुलनी कुशहा, परमानंदपुर पंचायत के कई गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही ईटवा, केलनी, विष्णुपुर सहित दर्जनों गांवों के लोगों का रास्ता सुगम हो जाएगा। विष्णुपुर से मदनपुर को जोड़ने वाली यह सड़क क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़कों में से एक है, जिसका उपयोग प्रतिदिन हजारों लोग करते हैं। पुल बनने से शंभूगंज प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने की दूरी भी काफी कम हो जाएगी। निर्माण कार्य में हो रही देरी और किसी ठोस पहल के अभाव में आखिरकार ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर पुल स्थल पर पहुंचे और विभाग तथा संवेदक के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू कराने और उसे पूरा कराने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल पंचायत के मुखिया डॉ. दीपक कुमार सिंह ने कहा कि यह पुल क्षेत्र की जीवनरेखा साबित हो सकता है। इसके अधूरे रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं ग्रामीण अजय कुमार सिंह, पप्पू सिंह, मुनमुन सिंह, अंबुज कुमार सिंह, ददन सिंह, उत्तम सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि पुल का निर्माण पूरा होने से राहगीरों की मुश्किलें दूर होंगी और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामले को टालते रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार विकास की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर योजनाएं अधूरी छोड़ दी जाती हैं, जिससे आम जनता को नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य की जांच कर दोषी संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की जाए और शीघ्र निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। लोगों को उम्मीद है कि उनकी आवाज अब प्रशासन तक पहुंचेगी और वर्षों से अधर में लटकी इस योजना को जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। क्या कहते हैं जिम्मेदार करीब 40 लाख रुपए की लागत से पुल का निर्माण कार्य किया जाएगा। एक माह के अंदर काम को दुरुस्त कर लिया जाएगा ‌। जिससे ग्रामीणों की परेशानी दूर हो जाएगी। जल्द से जल्द लोहागढ़ नदी में पुल निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए प्रयासरत हैं। रवि कुमार, कनीय अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग , बांका

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