Banka News: श्रावणी मेला:तीखी धूप में तपता रहा कांवरिया पथ, आस्था ने नहीं थमने दिए कदम

हिन्दुस्तान, बांका
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Banka News: पेज चार की लीडपेज चार की लीड दूसरी सोमवारी को कांवरिया पथ पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब दोपहर में कांवरिया पथ पर कम हुई भीड़, शाम बाद फिर बढ़ी र

Banka News: श्रावणी मेला:तीखी धूप में तपता रहा कांवरिया पथ, आस्था ने नहीं थमने दिए कदम

Banka News: तपते पथ पर पानी छिड़काव की मांग कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि

काँवड़ियों का जुनून

माथे पर पसीना, पैरों में पड़े फफोले और ऊपर से आसमान से बरसती आग, फिर भी बाबा के दरबार तक पहुंचने का जुनून कांवरियों के कदमों को थमने नहीं दे रहा है। दूसरी सोमवारी पर तीखी धूप ने कांवरिया पथ की राह जरूर कठिन कर दी, लेकिन शिवभक्ति सूर्य की तपिश पर भारी पड़ी। धूप तेज हुई तो कांवरियों ने पेड़ों की छांव और सेवा शिविरों में कुछ देर विश्राम किया, मौसम नरम पड़ा तो फिर कांधे पर कांवर उठाकर बोलबम के जयघोष के साथ बाबाधाम की ओर निकल पड़े। श्रावणी मेला का एक तिहाई समय पूरा हो चुका है। सोमवार को पूरे कांवरिया पथ पर मौसम का तल्ख तेवर देखने को मिला। सुबह से ही तीखी धूप के कारण कांवरियों को काफी परेशानी हुई। दो-तीन दिन पूर्व तक बारिश के बीच सुल्तानगंज से देवघर तक की यात्रा करने वाले कांवरिया झूमते-नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। लेकिन शनिवार से जारी धूप ने कांवरियों की परेशानी बढ़ा दी है। गर्मी के कारण दिन में पैदल चल रहे कांवरियों के कंठ सूख रहे हैं। लगातार पैदल चलने और तपती पथ के कारण कई कांवरियों के पैरों में फफोले भी पड़ रहे हैं। वहीं कुछ कांवरिया सिरदर्द और थकान से परेशान भी हो रही है। सुबह करीब नौ बजे के बाद ही कई कांवरिया सेवा शिविरों और पेड़ों की छांव में रुककर आराम करने लगते हैं। दोपहर के समय पथ पर कांवरियों की भीड़ कम हो जा रही है। पथ के आसपास मौजूद छायादार पेड़ों के नीचे कांवरिया डेरा डाल देते हैं। कहीं प्लास्टिक की चादर बिछाकर कांवरिया सुस्ताते हैं तो कहीं ढोल-हारमोनियम के साथ भजन-कीर्तन करते हुए मौसम के नरम पड़ने का इंतजार करते हैं।तीखी धूप के कारण कांवरिया पथ काफी गर्म हो रही है। इससे कांवरियों को पैदल चलने में परेशानी हो रही है। कांवरियों ने जिला प्रशासन से पथ पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराने की मांग की है, ताकि तपती बालू से उन्हें कुछ राहत मिल सके.

मौसम में बदलाव

तीन बजे बाद मौसम ने बदली करवट

सोमवार को दोपहर बाद करीब तीन बजे के बाद मौसम ने करवट ली। आसमान में बादल छाने से धूप की तपिश कुछ कम हुई और कांवरियों को राहत मिली। इसके बाद छांव में विश्राम कर रहे कांवरियों ने फिर अपनी यात्रा शुरू कर दी। शाम ढलते ही कांवरिया पथ पर भीड़ बढ़ने लगी। देर रात तक पथ पर कांवरियों का अच्छा दबाव देखने को मिला। खासकर बिहार-झारखंड सीमा के समीप पहुंच चुके कांवरिया लगातार आगे बढ़ते रहे। कांधे पर कांवर और मुख पर बोलबम के जयघोष के साथ शिवभक्त बाबाधाम की ओर बढ़ते रहे.

स्वास्थ्य सलाह

कांवरियों को डॉक्टर की सलाह

तेज धूप और गर्मी से बचाव को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ बिनोद कुमार ने कांवरियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए कांवरिया पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। इसके साथ ग्लूकोज, नींबू पानी और अन्य शर्बत का सेवन करते रहें। अधिक थकान, चक्कर, सिरदर्द या तबीयत बिगड़ने की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य शिविर में पहुंचें। कांवरिया पथ पर स्वास्थ्य शिविरों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं.

श्रद्धा का सैलाब

दूसरे सोमवारी को लेकर कच्ची कांवरिया पथ पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा कांवरिया पथ

चान्दन ( बांका ). निज प्रतिनिधि

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला के दूसरे सोमवारी को लेकर रविवार को जलाभिषेक के लिए कच्ची कांवरिया पथ पर शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गेरुआ वस्त्र पहने कांवरियों की लंबी कतार और बोल-बम के जयघोष से पूरा कांवरिया पथ भक्तिमय नजर आया। चारों ओर “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “बाबा बैद्यनाथ की जय” के जयकारे गूंजते रहे। आस्था और भक्ति के इस अद्भुत संगम को देखने के लिए कांवरिया पथ के किनारे स्थानीय लोगों की भी भीड़ जुटी रही। दूसरे सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक की विशेष मान्यता को लेकर रविवार से ही बड़ी संख्या में कांवरियों का जत्था सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबाधाम की ओर बढ़ता दिखाई दिया। कच्ची कांवरिया पथ पर दिनभर कांवरियों की भीड़ बढ़ती रही। कोई डाक बम के रूप में तेज कदमों से आगे बढ़ रहा था तो कोई अपने साथियों के साथ बोल-बम का जयघोष करते हुए बाबा धाम की ओर रवाना हो रहा था। कांवरियों के उत्साह और भक्ति के सामने उमस और थकान भी फीकी नजर आई। भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। कांवरिया पथ, पार्किंग स्थलों, सरकारी धर्मशालाओं तथा सभी अस्थाई थानों में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की टीम लगातार व्यवस्था पर नजर रखती रही। कांवरियों की भीड़ को नियंत्रित करने, यातायात व्यवस्था सुचारू रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी लगातार गश्त करते नजर आए। बीडीओ अजेश कुमार, सीओ रविकांत कुमार, चान्दन थानाध्यक्ष श्रीकांत भारती एवं सुईया थानाध्यक्ष कन्हैया झा भी कच्ची कांवरिया पथ पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। अधिकारियों ने कांवरियों की सुविधा, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रतिनियुक्त कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जगह-जगह तैनात पुलिस बल एवं गश्ती दल भीड़ के बीच लगातार सक्रिय रहे। कच्ची कांवरिया पथ पर रविवार को ऐसा नजारा रहा मानो पूरा मार्ग शिवमय हो गया हो। कांवरियों के कदमों के साथ उठता “हर-हर महादेव” का जयघोष वातावरण में भक्ति और ऊर्जा का संचार कर रहा था। कहीं कांवरियों की टोली भजन-कीर्तन करती आगे बढ़ रही थी तो कहीं श्रद्धालु विश्राम के बाद फिर से बाबा धाम की ओर अपनी यात्रा शुरू कर रहे थे। दूसरे सोमवारी पर जलाभिषेक को लेकर कांवरियों में खासा उत्साह देखा गया.

जिला प्रशासन की ओर से कांवरियों से निर्धारित मार्ग का उपयोग करने, भीड़ के दौरान धैर्य बनाए रखने तथा प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई। रविवार को कांवरिया पथ पर उमड़ी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि बाबा बैद्यनाथ के प्रति श्रद्धा में न कोई थकान है और न कोई बाधा-हर कदम बाबा के दरबार की ओर और हर जुबां पर बस “हर-हर महादेव”.

फोटो 23

दुम्मा बार्डर पर जलाभिषेक के लिए बाबाधाम जाते श्रद्धालुओं का जत्था

हर हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा कांवरिया पथ

बेलहर(बांका)/ निज प्रतिनिधि

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला परवान चढ़ने लगा है। शिव भक्त कांवरियों का रेला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर हर महादेव के जयघोष से कांवरिया पथ गुंजायमान हो रहा है। बाबा की भक्ति की शक्ति का महिमा अपार है। डमरू और त्रिशूल धारी बाबा भोले शंकर की पूजा अर्चना और जलार्पण करने के लिए कांवरिया श्रद्धालुओं का बाबा नगरी की ओर जाने का दिल सिला जारी है। सुल्तानगंज गंगा घाट से गंगा जल भर कर कांवर उठाकर बाबा नगरी की ओर प्रस्थान करने के बाद कांवरिया श्रद्धालु मासूम गंज, असरगंज, तारापुर के बाद रामपुर धर्मशाला और इसके बाद कुमरसार पहुंचते हैं। जहां से बदुआ नदी पार कर मुंगेर जिला से कांवरिया पथ धौरी पहुंचकर बांका जिला में प्रवेश करता है। धौरी से जिलेबिया मोड़ तक कांवरियों की भिड़ उमड़ती है। इन जगहों पर खास कर जिलेबिया मोड़ में कांवरियों के ठहरने की बड़ी व्यवस्था रहती है। जिलेबिया मोड़ से चलने के बाद कांवरिया श्रद्धालुओं को जिलेबिया पहाड़ और सुइयां पहाड़ का कठिन सफर तय करते हैं। बाबा भोले नाथ इन्हें जगहों पर अपने भक्तों की परीक्षा लेते हैं। लेकिन कठिनाइयों और परेशानियों पर कांवरिया श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा भारी पड़ती है। कदम कदम पर नए जोश और जुनून के साथ कांवरिया बोल बम का नारा के लगाते हुए बाबा नगरी की ओर बढ़ते जाते हैं। कांवर के घुंघरुओं की रुनझुन और बोल बम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। जटा में गंगा और माथे पर चंद्रमा धारण करने वाले गले में नागों की माला और हाथ में त्रिशूल और डमरू धारण कर बढ़ा की सवारी करने वाले बाबा भोले नाथ देवों के देव महादेव की कृपा सब पर बरसती है। अपने भक्तों को प्यार करने वाले सारे कष्टों का निवारण काटने वाले भोले शंकर त्रिपुरारी तीनों लोक के मालिक त्रिकालदर्शी कालों के काल महाकाल बाबा वैद्यनाथ की अराधना करने वाले शिव भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है। यही कारण है की बाबा नगरी जाने वाले कांवरियों की भीड़ उमड़ रही है। बोल बम का नारा है बाबा एक सहारा है.

(फोटो) 29,30

सोमवार को चिलचिलाती धूप में कांवरिया पथ धौरी से गुजरते कांवरियों का रेला।

सोमवार को कांवरिया पथ चंदन नगर से गुजरते बालक बम के साथ कांवरिया

प्रश्नोत्तर

✦कांवरियों को किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?−
कांवरियों को गर्मी और धूप के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, कई कांवरियों के पैरों में फफोले भी पड़ रहे हैं।
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