जिले में राशन कार्ड से 34 हजार नाम कटे, 35 हजार और कटेंगे
पेज तीन की लीड खबर:लाख 28 हजार 684 लोगों को राशन कार्ड की लिस्ट से बाहर करने के लिए किया गया है चिन्हित अब तक 33 हजार 600 लोगों के नाम राशन कार्ड स

बांका, निज प्रतिनिधि। जिले में 31 मार्च के बाद 33 हजार 600 राशन कार्डधारी परिवारों के नाम राशन कार्ड से काटे गए हैं। अगले कुछ दिनों में और 35 हजार परिवारों के नाम राशन कार्ड की लिस्ट से बाहर किए जाएंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ लेने वाले जिले के 1 लाख 41 हजार 782 आपात्र लाभुकों को चिन्हित कर संदिग्धों की सूची में डाला गया था। जिसके सत्यापन के लिए उसकी सूची जिले को भेजी गई थी। जिसके आधार पर अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में संदिग्ध 1 लाख 34 हजार राशन कार्डधारी परिवारों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करते हुए अयोग्य पाए गए 1 लाख 28 हजार 684 लोगों को राशन कार्ड की लिस्ट से बाहर करने के लिए चिन्हित किया गया है। जिसके बाद अप्रैल से इनके नामों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से हटाने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की गई है।
संदिग्ध राशन कार्ड धारकों की सूची
संदिग्ध राशनकार्डधारी परिवारों की सूची राज्य स्तर पर विभिन्न डाटाबेस से मिलाने करने के बाद तैयार की गई है। इसमें कंपनी के निदेशक, आयकर दाता, बडे जीएसटी पेयर, बडे ब्यवसायी, सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति, चार पहिया वाहन रखने वाले, पेंशनधारी एवं एक से अधिक राशन कार्ड रखने वाले लाभुक भी शामिल हैं। जिले में अभी राशन कार्डधारी परिवारों की संख्या 4 लाख 68 हजार 69 है। इसमें सदस्यों की संख्या 18 लाख 17 हजार 484 है। अब सक्षम और संपन्न परिवारों के नाम राशन कार्ड से हटाये जाने से इसमें कमी आने लगी है। वहीं, आयोग्य लाभुकों के नाम राशन कार्ड से हटाने की कार्रवाई राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत की जा रही है, ताकि योजना का लाभ पात्र परिवारों को ही मिल सके। इस कार्रवाई से लंबे समय से सरकारी अनाज के वितरण में आ रही शिकायतों पर विराम लगेगा। इससे सक्षम और संपन्न लोगों द्वारा सरकारी अनाज लेने की प्रवृति पर रोक लगेगी और वास्तविक गरीब परिवारों को उनका हक मिल सकेगा। इसको लेकर राज्य सरकार की ओर से डेटा शुद्धिकरण और ई-केवाईसी प्रक्रिया के माध्यम से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है।
पात्र लाभुकों के लिए आपत्ति दर्ज कराने का अवसर
दरअसल, खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पारदर्शिता लाने की दिशा में जिले भर में कार्रवाई जारी है। जिले में जिन राशन कार्डधारियों के नाम अपात्र लाभुकों की सूची में शामिल हैं, उनमें पात्र लाभुकों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया। इसमें किसी पात्र लाभुकों का नाम विभाग की ओर से जारी अपात्र लाभुकों की सूची में दर्ज किया गया तो उन्हें संबंधित प्रखंड आपूर्ति कार्यालय में आवेदन देकर या फिर जन वितरण प्रणाली विक्रता के माध्यम से सूचना देकर अपना नाम सूची से हटवाने का मौका दिया गया था। जिसकी जांच के बाद ही राशन कार्ड से नाम हटाये जाने वाले राशन कार्डधारी परिवारों की लिस्ट तैयार की गई है। राशन कार्ड की सूची से मृत लाभुक के अलावे ग्रामीण इलाकों के वैसे राशन कार्डधारी जिनकी वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार से अधिक है एवं शहरी क्षेत्र के वैसे लाभुक जिनकी वार्षिक आय 2 लाख 40 हजार से अधिक है। इसके अलावे जिन राशन कार्डधारियों के पास 2.5 एकड से अधिक भूमि है। जो अर्हता के बिना ही राशन कार्ड बनवाकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चलाई जा रही योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
कहते हैं अधिकारी
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कार्रवाई
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जिले के 1.4 लाख अपात्र लाभुकों को संदिग्धों की सूची में शामिल किया गया था। जिसकी जांच के बाद 1 लाख 28 हजार 684 लोगों को राशन कार्ड की लिस्ट से बाहर करने की तैयारी की जा रही है। इसमें अब तक 34 हजार लाभुकों के नाम राशन कार्ड से काट दिये गये हैं, आगे और 35 हजार लाभुकों के नाम हटाये जाएंगे।
-राज कुमार, एसडीओ, बांका
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