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तीन एमबीबीएस के भरोसे है फुल्लीडुमर प्रखंड के डेढ़ लाख की आबादी

अस्पताल का हालअस्पताल का हाल फुल्लीडुमर (बांका), निज प्रतिनिधि फुल्लीडुमर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से डॉक्टर की कमी से...

तीन एमबीबीएस के भरोसे है फुल्लीडुमर प्रखंड के डेढ़ लाख की आबादी
हिन्दुस्तान टीम,बांकाFri, 01 Dec 2023 02:15 AM
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फुल्लीडुमर (बांका) फुल्लीडुमर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षों से डॉक्टर की कमी से स्वास्थ्य सेवा प्रभावित हो रही है। पीएचसी में 4 एमबीबीएस एवं तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की जगह यह अस्पताल 2 एमबीबीएस के भरोसे चल रहा है। कुमारपुर एपीएचसी में पदस्थापित एक एमबीबीएस महिला डॉक्टर से यहां सेवा ली जा रही है। ओटी एवं लैब टेक्नीशियन का पद रिक्त है। तेलिया एपीएचसी में पदस्थापित डॉक्टर वर्षों से कटोरिया अस्पताल में तथा खेसर अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टर रजौन अस्पताल में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है। जबकि यहां अन्य पदस्थापित दो डॉक्टर्स एक पत्नी की तो दूसरे अपनी मां के इलाज के लिए वर्षों से लंबी छुट्टी पर हैं। जगह के अभाव में पैथोलॉजी सहित कई-कई कार्यालय एक ही कमरे में चल रहा है। डॉक्टर्स एवं स्वास्थ्य कर्मियों के आवास की शुरू से ही कोई व्यवस्था नहीं है। ड्रेसर, वार्ड बॉय, चतुर्थ वर्गीय कर्मियों का घोर अभाव है। हालांकि अस्पताल का विभिन्न विकास योजनाओं से कई विकासात्मक एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य किये गए हैं। प्रखंड के पीएचसी एवं एपीएचसी मिलाकर कुल 15 डॉक्टर्स की जगह करीब डेढ़ लाख की आबादी वाला यह प्रखंड सिर्फ तीन एमबीबीएस, एक डेंटल एवं एक आयुष डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। डॉक्टर्स के अभाव में प्रखंड के लोगों को सरकारी स्वस्थ्य व्यवस्था का समुचित लाभ नहीं मिल रहा है। अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में दवाई पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। फिलहाल डेंगू के इलाज की सारी व्यवस्था की गई है। जिसकी नियमित जांच होती है।

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