ई-केवाईसी से सत्यापित मजदूरों को ही मिलेगा 125 श्रमदिवस का काम

Feb 15, 2026 02:00 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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ई-केवाईसी से सत्यापित मजदूरों को ही मिलेगा 125 श्रमदिवस का काम

बांका,निज संवाददाता। बांका जिले में नए वित्तीय वर्ष से लागू की जा रही “वीबी जी राम जी” योजना के तहत अब केवल ई-केवाईसी से सत्यापित मजदूरों को ही रोजगार गारंटी के तहत 125 श्रमदिवसों का काम मिल सकेगा। जिला प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से जालसाजी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी तथा वास्तविक जरूरतमंद श्रमिकों को प्राथमिकता मिलेगी। वर्तमान में जिले में कुल 2,01,593 मजदूर सक्रिय सूची में दर्ज हैं। इनमें से 1,40,939 श्रमिकों ने अब तक ई-केवाईसी के माध्यम से अपना सत्यापन करा लिया है। शेष मजदूरों के लिए भी सत्यापन अनिवार्य किया गया है, ताकि भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम हो सके।

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नई व्यवस्था के तहत किसी भी कार्य का भुगतान युक्तधारा पोर्टल पर पूर्ण प्रविष्टि के एक सप्ताह के भीतर कर दिया जाएगा। इससे मजदूरों को पहले की तरह महीनों तक भुगतान के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस योजना के क्रियान्वयन से पंचायत राज विभाग द्वारा पूर्व में कराए जाने वाले कई कार्य भी अब इसी मद से कराए जा सकेंगे। योजना को तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में जल सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं, जैसे नहर निर्माण, चेक डैम, भूमिगत बांध, तालाब जीर्णोद्धार, सिंचाई के लिए कुआं निर्माण और क्षेत्रीय जल वितरण प्रणाली का विकास। इसके अलावा मिट्टी और नमी संरक्षण के लिए वृक्षारोपण तथा घरों की छत से वर्षा जल संचयन हेतु रिचार्ज सिस्टम (सोखता) निर्माण भी किया जाएगा। वहीं दूसरी श्रेणी में ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। इसमें सड़क निर्माण व मरम्मत, पुल-पुलिया निर्माण, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण पुस्तकालय और सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है। स्कूलों में रसोईघर शेड, प्रयोगशाला, बाउंड्री वॉल, खेल मैदान, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन इकाई, सौर प्रकाश व्यवस्था तथा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना से जुड़े निर्माण कार्य भी इसी के तहत होंगे। जबकि तीसरी श्रेणी में ग्रामीण परिसंपत्तियों के माध्यम से आजीविका बढ़ाने पर जोर दिया गया है। कौशल विकास केंद्र शेड, ग्रामीण हाट और साप्ताहिक बाजार का ढांचा, अनाज भंडारण भवन, कोल्ड स्टोरेज, वर्मी कंपोस्ट इकाई, डेयरी, बकरी और मुर्गी पालन शेड, मत्स्य पालन संरचना, मछली सुखाने का यार्ड, नर्सरी विकास और आपदा प्रतिरोधक बहुप्रयोजनीय संरचना निर्माण जैसे कार्यों से गांवों में व्यापक रोजगार सृजन होगा। काम नहीं मिलने की स्थिति में पंजीकृत मजदूरों को बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है। इधर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 2 लाख 10 हजार नए कच्चे मकान वाले परिवारों को सूची में शामिल किया गया था। दोबारा सत्यापन में करीब 1 लाख परिवारों के नाम हटाने की अनुशंसा की गई है। हालांकि अंतिम सूची डीडीसी स्तर पर पुनः जांच के बाद प्रकाशित होगी। आवास लाभुकों का श्रम कार्ड बनाकर उन्हें अपने ही घर निर्माण में मजदूरी देने की व्यवस्था भी जारी रहेगी। हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष के 15,993 लाभुकों को अब तक दूसरी और तीसरी किश्त राशि आवंटन के अभाव में नहीं मिल सकी है। वहीं जिले के सभी प्रखंडों में कार्यरत करीब 100 आवास कर्मियों ने भी विगत 10 माह से वेतन लंबित होने की पीड़ा जताई है। बावजूद इसके प्रशासन को उम्मीद है कि वीबी जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, मजदूरों की परेशानी कम होगी और गांवों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। कोट:---- वीबी -जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में मजदूरों को उनके घरों में गारंटी 125 दिन का रोजगार मिलेगा,इसके लिए सभी को ई केवाईसी अनिवार्य रूप से कराना होगा । सत्यापित मजदूरों को काम नहीं मिलने पर बेरोज़गारी भत्ता देय होगा।खेती बाड़ी के समय में 60 दिनों का अवकाश भी मिलेगा ।जीविका दीदियों को भी आजीविका हेतु बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जायेगा । उपेंद्र सिंह,डीडीसी (बांका)

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