1039 स्कूलों में होगा विद्यालय शिक्षा समिति का गठन

Jan 22, 2026 01:29 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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जिले के स्कूलों में नए तरीके से बनेगी विद्यालय शिक्षा समितिर्मेट जारी किया गया है। नई विद्यालय शिक्षा समिति का चयनित कार्यकाल तीन साल का होगा। हर तीन

1039 स्कूलों में होगा विद्यालय शिक्षा समिति का गठन

बांका, निज प्रतिनिधि। जिले के 1039 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में नए तरीके से विद्यालय शिक्षा समिति का गठन होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से नई गाइडलाइन जारी की गई है। अब स्कूलों में बनने वाली शिक्षा समिति में 17 की जगह 18 सदस्य होंगे। साथ ही हर कोटि के बच्चों की मां भी विद्यालय शिक्षा समिति में शामिल की जाएंगी। इसको लेकर सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालय को निर्देश जारी कर दिया गया है। विद्यालय शिक्षा समिति के गठन के लिए बिहार शिक्षा परियोजना की ओर से फार्मेट जारी किया गया है। नई विद्यालय शिक्षा समिति का चयनित कार्यकाल तीन साल का होगा।

हर तीन साल के बाद फिर नए अभिभावक समिति में शामिल होंगे। जिसमें अलग-अलग कोटि के बच्चों की मां ही इसमें सदस्य होंगी। मां के नहीं रहने पर ही पिता को विद्यालय शिक्षा समिति में शामिल किया जाएगा। वहीं, हर स्कूल को समिति गठन करने के साथ ही संबंधित बच्चे का नाम व पता स्कूल के बोर्ड पर लगाना होगा और इसकी जानकारी प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर भी देनी होगी। नई गाइडलाइन में स्कूल की योजनाओं, विकास कार्यों और वित्तीय गतिविधियों में विद्यालय शिक्षा समिति की भूमिका पहले से अधिक मजबूत कर दी गई है। शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन के तहत शिक्षा समिति को न केवल निगरानी बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी सीधा अधिकार दिया गया है। स्कूल में किसी योजना को लागू करने से पहले अभिभावकों और बच्चों की सहमति जरूरी होगी। इसका उद्देश्य स्कूलों की कार्यप्राणली में पारदर्शिता लाना और बच्चों की पढाई में अभिभावकों की भागीदारी बढाना है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से स्कूलों में जवाबदेही बढेगी और शिक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत होगी। इसके अलावे विद्यालय शिक्षा समिति एवं प्रधानाध्यापक मध्याह्न भोजन योजना का भी संचालन करेंगे। विद्यालय शिक्षा समिति का गठन नये सिरे से किया जायेगा। जिसमें स्कूल के पोषक क्षेत्र के वार्ड सदस्य, प्रधान शिक्षक, वरीय शिक्षक, पिछडा वर्ग के दो बच्चों के अभिभावक, अत्यंत पिछडा वर्ग के दो सदस्य, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के दो बच्चों के अभिभावक, दो सामान्य कोटी के बच्चों के अभिभावक, एक नि:शक्त बच्चा की मां, दो जीविका दीदी, बाल सांसद में शामिल एक छात्र-छात्रा, मीना मंच की एक छात्रा, संकुल समन्वयक या आमंत्रित सदस्य समिति का हिस्सा होंगे। स्कूल में किसी भी तरह की योजनाओं से लेकर वित्तीय काम में विद्यालय शिक्षा समिति की दखल होगी। विद्यालय शिक्षा समिति में शामिल बच्चों की माताओं की मर्जी से ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। हर महीने शिक्षा समिति की बैठक होगी और उसमें अगले एक महीने के काम की रणनीति बनाई जायेगी। इसके अलावा पिछले महीने क्या काम हुआ, इसका लेखा-जोखा भी लिया जाएगा। कहते हैं अधिकारी जिले के सभी स्कूलों को विभागीय गाइडलाइन के तहत शिक्षा समिति का गठन करने व संचालन का निर्देश जारी किया गया है। स्कूल में योजनाओं को पूरा करने में अब अभिभावक और बच्चे दोनो का सहयोग और सहमति जरूरी है। वहीं, विद्यालय शिक्षा समिति में अब 17 की जगह 18 सदस्य होंगे। जो मध्याह्न भोजन योजना का भी संचालन करेंगे। देवनारायण पंडित, डीईओ, बांका।

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