जिले के तीन स्कूलों में खुलेंगे मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशाला
हिन्दुस्तान विशेषहिन्दुस्तान विशेष पेज तीन की लीड स्कूली बच्चे बनेंगे मिट्टी के डॉक्टर छात्र-छात्राओं को मिट्टी स्वास्थ्य के प्रति किया जायेगा जागरूक

बांका, निज प्रतिनिधि। सूबे के छात्र-छात्राओं को मिट्टी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए 160 स्कूलों में मिनी मिट्टी जांच लैब की स्थापना किये जाने की योजना है। जिसमें बांका जिले में तीन स्कूलों में मिट्टी जांच प्रयोगशाला खोले जाएंगे। ये लौब कृषि विभाग से संबंधित जिलों में स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से राशि भेज दी गई है। इसके तहत हरेक स्कूल को एक-एक लाख की राशि दी गई है। मिट्टी जांच केंद्र की स्थापना पीएम श्री स्कूलों में की जानी है। इसका उद्ेेशय कक्षा सात, आठ नौ से लेकर ग्याहरवीं कक्षा तक में नामांकित बच्चों में मिट्टी में मौजूद जैव विविधता का पता लगाने के लिए प्रेरित करना है।
उन्हें मिट्टी के नमूने संग्रह, उसकी जांच और मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार करने की जानकारी दी जाएगी। इसके तहत प्रायोगिक क्रियाकलापों से छात्रों में इस समस्या का समाधान बताया जाएगा। इसके लिए छात्रों का निबंधन भी किया जायेगा। यहां निबंधित स्कूली छात्रों को कृषी से जुडी तकनीकी जानकारी भी दी जायेगी। खास ये कि उन्हें मिट्टी की पहचान के मुताबिक उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी जायेगी। जिससे मिट्टी के अनुकूल उर्वरकों का प्रयोग कर किसान फसलों की पैदावार बढा सकें। इसके अलावे छात्र अपने घरों में भी अभिभवाकों को मिट्टी की गुणवत्ता के मुताबिक उसमें उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दे कसें। इससे जिले में पारंपरिक फसलों के साथ ही व्यावसायिक फसलों की ख्ेाती को भी ख्ेाती को बढावा मिल सके। इसके लिए जिले में अभियान जारी है। वहीं, जिले में फसलों की पैदावार बढाने के लिए डिजिटल क्रॉप कटिंग कर उसका आंकडा भी संग्रहित किया जा रहा है। जिससे यहां फसलों की सही पैदावार की जानकारी लेते हुए येाजनाएं भी तैयार की जा सके। इससे किसानों की आमदनी दो गुणी करने के लक्ष्य को भी हासिल किया जा सकेगा इससे पूर्व यहां दो स्कूलों मे मिनी मिट्टी जांच प्रयोगशाला की स्थापना कर करीब 500 बच्चों को म़दा की जांच का प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें यहां के नवोदन विद्यालय एवं सेंट जोसफस स्कूल में मिनी मिट्टी जांच लैब की स्थापना की गई थी। अब नये सत्र में यहां के तीन सरकारी स्कूलों में मिट्टी की जांच के लिए मिनी मिट्टी लैब स्थापित किये जाएंगे। जिले में खेतों की मिट्टी जांच के मुताबिक उर्वरकों का उपयोग किये जाने से उसकी उर्वरका शक्ति बढेगी। जिससे क्षेत्र में पारंपरिक फसलों के साथ ही व्यावसायिक फसलों की पैदावार भी बढेगी। इससे किसानों की आमदनी भी दो गुणी होगी। जिससे सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं को भी मुकाम मिल सकेगा। यहां मिट्टी जांच लैब खुलने से किसानों को अपने खेत में उर्वरकों का उपयोग करने की तकनीकी जानकारी दी जायेगी। जिससे वे फसल उत्पादन को बढाने में सक्ष्म हो सकेंगे।कहते हैं अधिकारीजिले में मिट्टी की जांच कर उसके अनुरूप उर्वकरकों के उपयोग को बढावा दिया जा रहा है। इसके लिए अब तक करीब 10 हजार किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड जारी किया जा चुका है। इसी अभिययान को बढावा देने के लिए अब जिले के तीन स्कूलों में मिट्टी जांच की प्रयोगशाला खोली जाएगी। इसके लिए सरकार की ओर से विभाग को राशि भी आवंटित कर दी गई है। यहां एक लाख की लागत से एक मिट्टी जांच की प्रयोगशाला खोली जाएगी।कृष्ण कांत , सहायक निदेशक, रसायन, बांका।
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