होली पर घर लौटते प्रवासियों से गुलजार हुआ कटोरिया रेलवे स्टेशन
यहां रोजगार होता तो बाहर मजदूरी के लिए नहीं जाना पड़तायहां रोजगार होता तो बाहर मजदूरी के लिए नहीं जाना पड़ता कटोरिया (बांका) निज प्रतिनिधि। रंगों का

कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। रंगों का त्योहार होली नजदीक आते ही कटोरिया रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बाहर महानगरों में मजदूरी कर रहे सैकड़ों लोग अपने घर-परिवार के साथ होली मनाने के लिए लौट रहे हैं। शुक्रवार को स्टेशन परिसर में दोनों ट्रेन के पहुंचने के समय उतरने वाले यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा। यात्रियों का कहना है कि कटोरिया के लिए ट्रेनों की संख्या काफी कम है। जो ट्रेनें आती भी हैं, उनमें पहले से ही भीड़ रहती है। ऐसे में सीट मिलना तो दूर, खड़े होकर सफर करना भी मुश्किल हो जाता है।
प्रवासियों का दर्द सिर्फ भीड़ तक सीमित नहीं है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरन घर-परिवार छोड़कर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और मुंबई जैसे शहरों में मजदूरी करने जाना पड़ता है। साल में मुश्किल से एक या दो बार ही उन्हें परिवार से मिलने का अवसर मिल पाता है। ऐसे में होली उनके लिए सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि अपनों से मिलने का भावनात्मक पल होता है। दिल्ली से लौट रहे मजदूर रमेश ने बताया, “हम लोग बाहर रहकर दिन-रात मेहनत करते हैं। यहां काम नहीं मिलता, इसलिए जाना पड़ता है। साल में बस होली और कभी-कभी छठ पर ही घर आ पाते हैं। ट्रेन कम है, भीड़ ज्यादा है, लेकिन परिवार से मिलने की खुशी में सब सह लेते हैं।” वहीं मुंबई से आए आनंद ने कहा, “बच्चे फोन पर रोज पूछते थे कि पापा होली में आएंगे ना? इसलिए जैसे-तैसे टिकट लिया। बहुत भीड़ है, बैठने की जगह नहीं मिली। सरकार अगर यहां रोजगार की व्यवस्था करे और ट्रेनों की संख्या बढ़ाए तो हम लोगों को इतनी परेशानी नहीं होगी।” यात्रियों ने मांग की है कि त्योहारों के मौके पर अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की जाए, ताकि प्रवासियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा मिल सके। फिलहाल, रंगों के इस पर्व से पहले कटोरिया स्टेशन पर अपने लोगों से मिलने की खुशी और सफर की परेशानी-दोनों एक साथ नजर आ रही हैं।
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