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जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाना है हमारी प्राथमिकता : सिविल सर्जन

जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाना है हमारी प्राथमिकता : सिविल सर्जन

संक्षेप:

जिले में 10 फरवरी से 21लाख 44 हज़ार 877 लाभार्थियों को खिलाई जायेंगी फ़ाइलेरिया रोधी दवाएं जिले में 10 फरवरी से 21लाख 44 हज़ार 877 लाभार्थियों को खिलाई

Feb 10, 2026 01:24 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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बांका, नगर प्रतिनिधि। फाइलेरिया रोग के उन्मूलन के लिए जिलेभर में 10 फरवरी 2026 से शुरू हो रहे सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु सोमवार को सीफार के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में पत्रकारों के लिए संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान मीडिया उन्मुखीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि, 10 फरवरी से शुरू हो रहे सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम के दौरान सभी लाभार्थियों को फ़ाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि, साथ ही इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाओं के सेवन के लिए 11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप का आयोजन किया जाएगा जिसमे बूथ लगा कर समुदाय के सभी लक्षित लाभार्थियों को स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने दवा सेवन कराएंगे।

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इसके अलावा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी अगले 14 दिनों तक घर-घर जाकर योग्य लाभार्थियों को दवा का सेवन कराया जाना सुनिश्चित करेंगे। आगे उन्होंने बताया कि, फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं । साथ ही रक्तचाप, शुगर, अर्थरायीटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित लोगों को इंसान दवाओं का सेवन करने में कोई समस्या नहीं होगी। जबकि सामान्य लोगों को इन दवाओं के सेवन करने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं। यदि किसी को दवा खाने के बाद मितली आना अथवा चक्कर आने के लक्षण होते हैं तो यह शुभ संकेत है। इसका मतलब है कि, सम्बंधित व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं, जो कि दवा खाने के बाद मर रहें हैं । आगे जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि, कार्यक्रम के दौरान यदि किसी लाभार्थी को दवा सेवन के पश्चात किसी प्रकार की कोई कठिनाई प्रतीत होती है तो उससे निपटने के लिए हर ब्लॉक में रैपिड रेस्पोंस टीम तैनात रहेगी। मौक़े पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीभीबीडीसीओ) डॉक्टर बिजय कुमार ने मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए बताया कि, 10 फरवरी से शुरू होने वाले सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम में जिलेभर के कुल 21 लाख 44 हज़ार 877 लाभार्थियों को कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए डीईसी एवं अल्बेंडाज़ोल की निर्धारित खुराक, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर अपने सामने खिलाई जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि, दवाओं का बेवजह वितरण बिलकुल भी नहीं किया जायेगा, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के लोगों के द्वारा लाभार्थियों को इसका सेवन कराया जाएगा। लाभार्थी केवल इस बात का ध्यान रखेंगे कि, इन दवाओं का सेवन खाली पेट नहीं करना है। जबकि 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और असाध्य बीमारियों के रोगियों को दवा नहीं खिलाई जाएगी। इस दौरान वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी (भीडीसीओ) मो. आरिफ इकबाल ने बताया कि, फाइलेरिया या हाथीपांव रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य की गंभीर समस्या है। यह रोग संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार फाइलेरिया, दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन आ जाती है।जबकि फाइलेरिया के कारण चीरकालिक रोग जैसे: हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन), लिम्फेडेमा (अंगों में सूजन) और दूधिया सफेद पेशाब (काईलूरिया) से ग्रसित लोगों को अक्सर सामाजिक भेदभाव सहना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि, अगर व्यक्ति लगातार 5 साल तक फाइलेरिया रोधी दवा खा लेता है तो पूरे जीवन उसे फाइलेरिया रोग होने की सम्भावना समाप्त हो जाती है । मौक़े पर वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी (वीडीसीओ) सोनाली कुमारी, रोहित कुमार, सीफार से खुशबू सिंह, जय प्रकाश कुमार एवं पिरामल स्वास्थ्य के जिला स्तरीय प्रतिनिधि और जिला स्वास्थ्य समिति बांका के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।