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खादी सह हैंडलूम मेला में जमकर खरीदारी कर रहे हैं जिलेवासी

खादी सह हैंडलूम मेला में जमकर खरीदारी कर रहे हैं जिलेवासी

संक्षेप:

स्वदेशी उत्पादों में जिलेवासियों में बढ़ रही रुचिस्वदेशी उत्पादों में जिलेवासियों में बढ़ रही रुचि खादी सह हैंडलूम मेला में जमकर खरीदारी, उमड़ी लोगों

Jan 08, 2026 01:16 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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बांका, नगर प्रतिनिधि। शहर के आरएमके खेल मैदान में आयोजित खादी सह हैंडलूम मेला इन दिनों जिलेवासियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में स्वदेशी उत्पादों की भरमार और उनकी गुणवत्ता के कारण लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि मेले में प्रतिदिन भारी संख्या में लोग पहुंचकर जमकर खरीदारी कर रहे हैं। खासकर खादी वस्त्र, हैंडलूम साड़ियां, रेडीमेड परिधान, हस्तशिल्प, मिट्टी के बर्तन, जूट व लकड़ी से बने उत्पाद लोगों को खूब लुभा रहे हैं। वहीं मेले के पहले पांच दिनों में ही करीब 40 लाख रुपये की खरीददारी हो चुकी है, जिससे आयोजक और दुकानदार काफी प्रसन्न नजर आ रहे हैं।दुकानदारों

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का कहना है कि इस बार लोगों में स्वदेशी उत्पादों को लेकर विशेष जागरूकता देखने को मिल रही है। कई स्टॉल संचालकों ने बताया कि पहले जहां लोग केवल देखने आते थे, वहीं अब गुणवत्ता और उचित मूल्य को देखकर बिना हिचक खरीदारी कर रहे हैं। मेले का आयोजन युग संस्कृति न्यास के तत्वाधान में किया जा रहा है, जबकि मेले के सफल आयोजन में जिला प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, साफ-सफाई, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही मेले का वातावरण पूरी तरह पारिवारिक और सांस्कृतिक बना हुआ है। वहीं मेले में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिल रही है। वे खादी के सूट, साड़ियां और हस्तनिर्मित सजावटी वस्तुओं की खरीदारी में खास रुचि ले रही हैं। जबकि युवाओं में भी खादी से बने आधुनिक परिधानों को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। बच्चों के लिए भी खिलौनों और पारंपरिक वस्तुओं के कई स्टॉल लगाए गए हैं। मेला प्रबंधक भोला प्रसाद का कहना है कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और स्वदेशी उत्पाद निर्माताओं को बाजार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें आर्थिक मजबूती मिल सके। साथ ही लोगों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करना भी इस आयोजन का अहम लक्ष्य है।