शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है ककवारा रेलवे हाल्ट

Jan 29, 2026 01:14 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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बोले बांकाबोले बांका प्रस्तुति- राजदीप सिंह पेयजल, शौचालय व रौशनी जैसी मूलभूत सुविधा से आज भी वंचित है ककवारा हाल्ट अक्सर

शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है ककवारा रेलवे हाल्ट

बांका, नगर प्रतिनिधि। बांका जंक्शन से महज़ पाँच किलोमीटर की दूरी पर स्थित ककवारा हाल्ट आज भी बुनियादी यात्री सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। शाम होते ही यह हाल्ट अँधेरे में डूब जाता है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है। रेल प्रशासन की उदासीनता के कारण पेयजल, शौचालय, रौशनी, यात्री शेड जैसी मूलभूत सुविधाएँ यहाँ अब तक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं।जबकि स्थानीय यात्रियों का कहना है कि, ककवारा हाल्ट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, मजदूर, महिलाएँ और बुजुर्ग यात्री यात्रा करते हैं, लेकिन स्टेशन पर न तो बैठने की समुचित व्यवस्था है और न ही पीने के साफ पानी की सुविधा।

वहीं गर्मी के मौसम में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। यात्रियों को मजबूरन आसपास के घरों या दुकानों से पानी माँगना पड़ता है। साथ ही यहां सबसे गंभीर समस्या रौशनी की है। जहाँ शाम ढलते ही पूरा हाल्ट अंधेरे में डूब जाता है।प्लेटफॉर्म पर लगे सारे स्ट्रीट लाइट पूर्ण रूपेण खराब हो चुकी है। जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर शाम के समय महिलाएँ और बुजुर्ग यात्री खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। कई बार ट्रेन के आने-जाने के दौरान अंधेरे की वजह से यात्रियों को प्लेटफॉर्म के किनारे चलने में खासा दिक्कत होती है। उधर यात्रियों ने टिकट घर बंद रहने की भी शिकायत की है। लोगों के मुताबिक अधिकांश समय टिकट काउंटर बंद रहता है, जिससे यात्रियों को ट्रेन में टिकट लेना पड़ता है या फिर बिना टिकट यात्रा करने की मजबूरी हो जाती है। इससे एक ओर यात्रियों को परेशानी होती है, वहीं दूसरी ओर उन्हें जुर्माने का भी सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि, यदि नियमित रूप से टिकट घर खोला जाए तो यात्रियों को काफ़ी राहत मिल सकती है। जबकि ककवारा हाल्ट पर शौचालय की सुविधा का पूरी तरह अभाव है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद कष्टदायक है। वहीं लंबी प्रतीक्षा के दौरान शौचालय न होने से यात्रियों को काफी असुविधा होती है। इसके अलावा यात्री शेड नहीं रहने से धूप और बारिश में यात्रियों को खुले में खड़ा रहना पड़ता है। जबकि स्थानीय यात्रियों का कहना है कि, ककवारा हाल्ट आसपास के कई गांवों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन द्वारा इस हाल्ट की लगातार अनदेखी की जा रही है। वहीं स्थानीय समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने भी ककवारा हाल्ट पर यात्री सुविधाएँ बढ़ाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि, कम से कम पेयजल, शौचालय, पर्याप्त रौशनी, बैठने की व्यवस्था और नियमित टिकट काउंटर जैसी बुनियादी सुविधाएँ तत्काल उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि जिले में रेलवे की छवि भी बेहतर होगी। यात्रियों का कहना है कि यदि बांका जंक्शन के पास स्थित इस हाल्ट पर ही ऐसी बदहाल स्थिति है, तो दूरदराज के स्टेशनों की स्थिति का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से जल्द से जल्द ककवारा हाल्ट की सुध लेने और इसे एक सुरक्षित व सुविधाजनक स्टेशन के रूप में विकसित करने की मांग की है। अब देखना यह है कि रेल प्रशासन यात्रियों की इस जायज मांग पर कब तक ध्यान देता है और ककवारा हाल्ट को मूलभूत सुविधाओं से कब तक लैस किया जाता है। फिलहाल, अंधेरे और अव्यवस्था के बीच यात्री रोजाना परेशानी झेलने को मजबूर हैं। कहते हैं जिम्मेवार ककवारा रेलवे हॉल्ट पर यात्री सुविधा बढ़ाने के लिए रेल प्रशासन से बात की जाएगी। यात्रियों को रेलवे के द्वारा उक्त स्टेशन पर सुविधा उपलब्ध कराना चाहिए। इसके लिए रेल प्रशासन के वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। रामनारायण मंडल, विधायक, बांका

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