मजदूरों को उनके अधिकार एवं उनके कर्त्तव्यों की दी गई जानकारी
पेज चार की लीडपेज चार की लीड मजदूर दिवस पर शिविर का आयोजन बांका। एक संवाददाता गुरूवार को अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रम

बांका। एक संवाददाता गुरूवार को अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर श्रम अधीक्षक कार्यालय, बांका के प्रागंन में शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, बांका सदर द्वारा की गई। शिविर में राम दास, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, बांका सदर, मनोज प्रभाकर, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, फुल्लीडुमर, विभाष कुमार, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, धोरैया, मनोज कुमार, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, चान्दन, सुश्री रिचा, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, कटोरिया एवं सुश्री एकता भारती, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, शंभुगंज उपस्थित थे। कार्यक्रम में 100 से अधिक मजदूरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की रूप-रेखा रखते हुए श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, बांका सदर के द्वारा मजदूरों को उनके अधिकार एवं उनके कर्त्तव्यों की जानकारी दी गई।
उनके द्वारा मजदूरों को विशेष रूप से अपने बच्चों की शिक्षा की ओर प्रोत्साहित किया गया। साथ ही श्रमिको का कोटिवार वर्गीकरण की जानकारी देते हुए दिनांक-01.04.2026 से प्रभावी न्यूनतम मजदूरी अकुशल के लिए 436 रू० प्रतिदिन, अर्द्धकुशल के लिए 452 रू० प्रतिदिन, कुशल के लिए 551 रू0 प्रतिदिन तथा अतिकुशल के लिए 672 रू0 प्रतिदिन के बारे में जानकारी दी गई। श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, फुल्लीडुमर के द्वारा मजदूरों को पाठन सामग्री उपलब्ध कराते हुए विभाग की योजनाओं से संबंधित जानकारी दी गई। उनके द्वारा बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित विवाह के लिए वित्तीय सहायता के लिए 50,000 रू०, मातृत्व लाभ के लिए 90 दिन की मजदूरी, पितृत्व लाभ के लिए 6,000 रू०, नकद पुरस्कार के लिए 25,000 रू0 तक, भवन मरम्मती योजना में 20,000 रू०, मृत्यु लाभ हेतु 2,00,000 रू० अथवा दुर्घटना मृत्यु के लिए 4,00,000 रू० जैसे 16 योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना-2011 के अंतर्गत मृत्यु लाभ, निःशक्तता के मामले, छात्रवृत्ति, चोट की स्थिति में तथा असाध्य रोगो के लिए बिहार राज्य श्रम कल्याण समिति के द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले अनुदान के बारे में जानकारी दी गई। श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, धोरैया के द्वारा बताया गया कि बिहार से बाहर काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की दुर्घटना के फलस्वरूप मृत्यु में 2,00,000 रु० अथवा निःशक्तता के मामले में 1,00,000 रू० अथवा 50,000 रू0 का अनुदान दिया जाता है। श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, चान्दन के द्वारा मजदूर एकता पर बल देते हुए उन्हे संगठित रहने की अपील की गई। अंत में कार्यक्रम के तीनो पक्ष मजदूर, श्रम संगठन एवं पदाधिकारियो ने मजदूरों के हित के लिए उन्हे और जागरूक करने का संकल्प लिया।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


