कुलपति ने डीएन सिंह महाविद्यालय के बहुउद्देशीय प्रशाल का किया उद्घाटन
युवा पेज की लीडयुवा पेज की लीड पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ विवेकानंद सिंह विधान परिषद सदस्य डॉ संजीव सिंह भी हुए शामिल। बीबीए,

रजौन(बांका), निज संवाददाता। रजौन के डीएन सिंह महाविद्यालय के दूसरे तल पर निर्मित बहुउद्देशीय प्रशाल' का उद्घाटन शुक्रवार को तिलकामांझी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विमलेंदु शेखर झा एवं मुख्य अतिथि पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) विवेकानंद सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान उन्होंने पहली मंजिल पर नवनिर्मित बीबीए, बीसीए और लाइब्रेरी साइंस के विशेष कक्षों का भी उद्घाटन कर छात्रों को नई सौगात भी दी। उद्घाटन कुलपति के आगमन पर डीएन सिंह महाविद्यालय की दुल्हन की तरह सजाया गया था। महाविद्यालय परिसर में उनका कदम पड़ते ही उनके ऊपर पहले फूलों की बारिश की, फिर महाविद्यालय एनसीसी के छात्रों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।
इस दौरान महाविद्यालय में बौद्धिक और सांस्कृतिक परिदृश्य का अनूठा मिशाल भी दिखा। इस अवसर पर "बिहार की उच्च शिक्षा में सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालयों का योगदान" विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और छात्राओं द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना एवं स्वागत गान से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता शासी निकाय के शिक्षाविद सदस्य डॉ. डीपी सिंह ने की, जबकि मंच संचालन महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ नवीन निकुंज ने किया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की स्मारिका का भी लोकार्पण किया गया, जिसमें महाविद्यालय के उपलब्धियों को दर्शाया गया है। दोनों कुलपतियों ने नवनिर्मित प्रशाल को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक अतिउपयोगी मंच बताया, और कहा कि यह बहुउद्देशीय प्रशाल यहां के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में एक नया और मजबूत आयाम देगा। तिलकामांझी विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि कई सुविधाओं से युक्त प्रशाल किसी भी शैक्षणिक संस्थान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राष्ट्रीय संगोष्ठी, सेमिनार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य बौद्धिक आयोजनों के लिए भी बेहतर मंच उपलब्ध होगा। उन्होंने महाविद्यालय प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा मिलेगी। पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विवेकानंद सिंह ने भी महाविद्यालय द्वारा किए गए इस विकास कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के बुनियादी ढांचे के निर्माण से शिक्षा का वातावरण और अधिक समृद्ध होता है तथा विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर मिलता है। महाविद्यालय के सचिव डॉ. मृत्युंजय प्रसाद सिंह गंगा ने कहा कि महाविद्यालय के इतिहास में लगभग 45 वर्ष बाद इस तरह का बड़ा विकासात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस बहुउद्देशीय प्रशाल के निर्माण से महाविद्यालय को नई पहचान मिलेगी और छात्रों को शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा। प्राचार्य डॉ. महेंद्र प्रसाद सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य डॉ. संजीव कुमार सिंह ने अपने संबोधन में सम्बद्ध महाविद्यालयों की ज्वलंत समस्याओं और उनके प्रभावी समाधानों पर गहराई से चर्चा की। टीएनबी कॉलेज भागलपुर के प्राचार्य डॉ. दीपू महतो, बीएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध प्रसाद सिंह, विश्वविद्यालय निरीक्षक डॉ. रंजना दुबे व डॉ. सुरेंद्र प्रसाद सिंह के अलावे महादेव सिंह कॉलेज भागलपुर के प्राचार्य डॉ अरविंद कुमार सिंह, ताड़र कॉलेज के सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, एनएसएस समन्वयक डॉ. राहुल कुमार, अद्वैत मिशन मंदार विद्यापीठ के चेयरमैन अरविंदाक्षण माडम्बथ, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अचल भारती, डीएन सिंह कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. महेश प्रसाद सिंह, प्रो. जयकुमार राणा, प्रो. जीवन प्रसाद सिंह, जदयू प्रदेश सचिव मनोज सिंह, देवनंदन प्रसाद श्रीवास्तव, सिकंदर प्रसाद यादव, मान सिंह, दिवाकर प्रसाद यादव, विजय प्रसाद साह, प्रमोद सिंह, प्रदीप कुमार सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य शिक्षाविद, प्रबुद्धजनों और राजनीतिज्ञों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
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