
हाईटेक सुविधाओं से लैश नेताजी छात्रावास में रहकर शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़ेंगे घुमंतू बच्चे
पेज चार की लीडपेज चार की लीड हिन्दुस्तान खास जिले के खानाबदोश बच्चों के सपनों को लगेंगे पंख,बेलहर में बनकर तैयार हुआ 200 बेड
बांका। कुमार आनंद, निज संवाददाता बांका जिले में शिक्षा के अधिकार को अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों तक पहुँचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल अब अपने अंतिम चरण में है। बांका जिले के बेलहर प्रखंड में खानाबदोश और घुमंतू परिवारों के बच्चों के लिए निर्मित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है और इसकी शुरुआत की तैयारियाँ अंतिम दौर में हैं। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इसे जल्द ही बच्चों के लिए खोलने की दिशा में सक्रिय है। यह छात्रावास खास तौर पर उन बच्चों के लिए वरदान साबित होगा, जिनके माता-पिता रोज़गार की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर पलायन करते रहते हैं।
अब ऐसे बच्चों को पढ़ाई बीच में छोड़ने (ड्रॉपआउट) की मजबूरी नहीं होगी, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित, स्थायी और आधुनिक शैक्षणिक माहौल मिलेगा। इस नवनिर्मित छात्रावास की क्षमता 200 बेड की है, जहाँ एक साथ 200 बच्चे रहकर अपनी पढ़ाई कर सकेंगे। भवन को पूरी तरह आवासीय स्वरूप में विकसित किया गया है। यहाँ बच्चों के रहने, खाने और पढ़ने की नि:शुल्क व्यवस्था होगी। छात्रावास में समय पर भोजन और नाश्ता के साथ-साथ पढ़ाई के लिए कॉपी, किताब, कलम,पेंसिल सहित सभी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया है।इसके साथ ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए छात्रावास परिसर में बड़ा खेल का मैदान भी तैयार किया गया है, जहाँ विभिन्न खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियाँ संचालित की जाएँगी। इस भव्य भवन का निर्माण बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (बीएसआई डीसी) द्वारा किया गया है, जो बिहार सरकार की अधिकृत एजेंसी है। निर्माण के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि बच्चों को एक सुरक्षित और स्थायी वातावरण मिल सके। बेलहर में बने इस छात्रावास के पोषक क्षेत्र में आने वाले स्कूल आदर्श मध्य विद्यालय,बेलहर में पढ़ रहे खानाबदोश और घुमंतू परिवारों के बच्चों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।इस मध्य विद्यालय में अभी छात्रावास में रहने वाले कुल 100 बच्चे अध्यनरत हैं जिनमें से कई अनाथ भी हैं। बेलहर ने बने इस नवनिर्मित आवासीय हॉस्टल में जो खानाबदोश बच्चे रहेंगे उनमें से तीसरी कक्षा में 10 छात्र, चौथी में 29, पांचवीं में 15, छठी में 11, सातवीं में 27 और आठवीं में कुल 8 बच्चे पढ़ रहे हैं। इन बच्चों को बांका प्रखंड के चक्काडीह में पूर्व से संचालित नेताजी सुभाष छात्रावास की तर्ज पर ही सभी सुविधाएँ जल्द मिलनी शुरू हो जाएँगी। मालूम होकी बांका के चक्काडीह में पुर्व से संचालित हो रहे नेताजी आवासीय हॉस्टल में अभी कुल 125 बच्चे अध्यनरत हैं, जिसमें पहली से लेकर 12 वीं कक्षा तक के बच्चे सरकार के इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं।बांका जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास ऐसे बच्चे दिखें जो कचड़ा चुन रहे हों, मजदूरी कर रहे हों या किसी कारणवश स्कूल से बाहर हों, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या शिक्षा विभाग को दें। ऐसे सभी बच्चों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा से जोड़ा जाएगा। कुल मिलाकर, दुसरे नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास की बेलहर में शुरुआत बांका जिले में साक्षरता दर को बढ़ाने, ड्रॉपआउट रोकने और सामाजिक विषमता को कम करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने वाली है। कोट: जल्द ही विभाग द्वारा एजेंसी से भवन का टेकओवर कर लिया जाएगा। इसके बाद तुरंत बच्चों का आवासन शुरू कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहाँ छठी से 12वीं कक्षा तक के बच्चों के पढ़ने की पूरी व्यवस्था की गई है। राजकुमार राजू, डीपीओ,सर्व शिक्षा अभियान बांका फो

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